Ram Mandir Trust Meeting Start : अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित और महत्वपूर्ण बैठक सोमवार दोपहर 3 बजे के आस-पास शुरु हो गई है. बैठक में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लगभग सभी सदस्य शामिल हुए हैं. अयोध्या के डीएम और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण मोहन भी मीटिंग में शामिल हुए हैं. राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने और तमाम आरोपों और प्रत्यारोपों के सामने आने के बाद ये पहला मौका है जब मंदिर के सभी ट्रस्टी बैठक कर रहे हैं. हजारों करोड़ की चंदा चोरी जैसे जघन्य अपराध को लेकर बैठक में क्या कार्रवाई होती है , इस यही वजह है कि पूरे देश की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है.
#WATCH | Ayodhya, UP | President of Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Nritya Gopal Das, arrives at the Ram temple to preside over the meeting of the Trust called after alleged embezzlement of donations has come to light pic.twitter.com/6rH46cGYS2
— ANI (@ANI) July 6, 2026
बैठक में ट्रस्ट के भविष्य, प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और दान प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं. सबसे अधिक चर्चा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों को लेकर है. दोनों ने दान विवाद के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की पेशकश की थी.
Ram Mandir Trust Meeting Start : बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा
सूत्रों के अनुसार बैठक में कई अहम मुद्दों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें प्रमुख रूप से—
- चंपत राय के इस्तीफे पर अंतिम निर्णय.
- ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला.
- दान प्रकरण की SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की समीक्षा.
- ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव.
- दान संग्रह और सुरक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के उपाय.
- मंदिर प्रबंधन को अधिक पेशेवर बनाने के लिए CEO अथवा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त करने के प्रस्ताव पर चर्चा.
बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में ट्रस्ट के स्थायी और पदेन सदस्यों को बुलाया गया है. बैठक में प्रमुख रूप से—
- महंत नृत्य गोपाल दास (अध्यक्ष)
- स्वामी गोविंद देव गिरी (कोषाध्यक्ष)
- निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा
- अन्य ट्रस्टी एवं पदेन सदस्य बैठक में मौजूद हैं. ट्रस्ट ने सभी सदस्यों से उपस्थित रहने का अनुरोध किया था क्योंकि इसे ट्रस्ट के गठन के बाद की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक माना जा रहा है.
कौन नहीं पहुंचा?
बैठक शुरू होने तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार ट्रस्ट की ओर से किसी प्रमुख सदस्य की अनुपस्थिति की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन मीडिया में आ रही जानकारी के मुताबिक इस बैठक से ट्र्स्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को दूर रखा गया है.
दान विवाद के बाद पहली बड़ी परीक्षा
राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है. समानांतर रूप से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT भी प्रशासनिक स्तर पर जांच कर रही है. इस पूरे घटनाक्रम ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, जिसके चलते सोमवार की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है.
महंत नृत्य गोपाल दास का भावुक संदेश
बैठक से पहले ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने दान विवाद पर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीरामलला के मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी किसी भी तरह की गड़बड़ी अत्यंत दुखद है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और ट्रस्ट की गरिमा बनाए रखने की बात कही.
बैठक के फैसलों पर देशभर की नजर
राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में इस बैठक से निकलने वाले फैसले ट्रस्ट की विश्वसनीयता, मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता और भविष्य की कार्यप्रणाली तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उम्मीद की जा रही है कि बैठक समाप्त होने के बाद ट्रस्ट आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग कर निर्णयों की जानकारी देगा.





