ब्यूरो रिपोर्ट, पटना : बिहार के लिए आज का दिन बेहद खास है इसकी खास वजह ये है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय Karpuri Thakur को केंद्र सरकार ने भारत रत्न देने का एलान किया है. बिहार की राजनीति में अहम् किरदार निभाने वाले कर्पूरी ठाकुर के बारे में बहुत लोग नहीं जानते हैं. तो आज जब उन्हें भारत रत्न सम्मान के लिए चुना गया है तो उनके बारे में जानना और भी जरूरी हो जाता है. आइये बताते हैं कौन हैं बिहार के पूर्व सीएम भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर.
कर्पूरी ठाकुर को बिहार में और देश के राजनैतिक इतिहास में जननायक कहकर संबोधित किया जाता है. उनका जन्म समस्तीपुर जिले के पितौंझिया गांव के नाई समाज में 24 जनवरी 1924 को हुआ था. कर्पूरी ठाकुर साल 1952 में पहली बार विधायक चुने गए थे. 1970-79 के बीच बिहार में दो-दो बार उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला और बाद में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे.
Karpuri Thakur का निधन 17 फरवरी 1988 को हुआ था
अपने जीवनकाल में कर्पूरी ठाकुर इतने अहम पदों पर रहे लेकिन इसके बावजूद उनके पास न तो अपना घर था और ना ही अपनी कोई गाड़ी. यहां तक कि उनके पास अपनी पैतृक जमीन भी नहीं थी. राजनीति में ईमानदारी, सज्जनता एवं लोकप्रियता ने कर्पूरी को जननायक बना दिया था. कर्पूरी ठाकुर का निधन 64 वर्ष की उम्र में 17 फरवरी 1988 को हुआ था.
कर्पूरी ठाकुर ने कांग्रेस के विरुद्ध की थी राजनीति
कर्पूरी ठाकुर ने आजीवन कांग्रेस के विरुद्ध राजनीति की थी. आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने उन्हें गिरफ्तार करने की बहुत कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाई. कर्पूरी ठाकुर का एक सपना था. वो देश के सर्वोच्च पद पर पिछड़े समाज के व्यक्ति को देखना चाहते थे. कर्पूरी ठाकुर राजनीति में परिवारवाद के प्रबल विरोधी थे और जब तक वो जीवित रहे उन्होंने अपने परिवार के किसी सदस्य को राजनीति में नहीं आने दिया. ऐसे शानदार व्यक्तित्व वाले कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान के लिए चुना गया है. कर्पूरी ठाकुर के बेटे और जेडीयू के राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर ने मोदी सरकार को इसके लिए धन्यवाद दिया है.
भारत रत्न देश का सर्वोच्च सम्मान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर को यह सम्मान देने की घोषणा के बाद उन्हें सामाजिक न्याय का पथप्रदर्शक बताया है. पीएम ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर को यह सम्मान उनके योगदान के लिए तो है ही, एक न्यापूर्ण समाज के लिए काम करते रहने के लिए भी हमें प्रेरित करेगा.

