रिम्स रांची में मरीजों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं, OPD से ऑनलाइन भर्ती तक बड़े बदलाव जल्द

रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए प्रबंधन ने एक बड़ी पहल शुरू की है। संस्थान के निदेशक ने शुक्रवार को चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों सहित कई आला अफसरों के साथ अस्पताल के विभिन्न संवेदनशील विभागों का एक व्यापक और औचक निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आने वाले राज्यभर के मरीजों को बिना किसी परेशानी के त्वरित और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराना था। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए मौके पर ही कई कड़े और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।

ओपीडी में शुरू होगी ऑनलाइन भर्ती की सुविधा

अस्पताल की ओपीडी में सुबह के समय लगने वाली मरीजों की भारी भीड़ और लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए प्रबंधन अब पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप देने जा रहा है। निरीक्षण के दौरान ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की भर्ती प्रक्रिया को बेहद सरल और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से एक विशेष डेमो का प्रदर्शन किया गया। इसके तहत ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर से ही सीधे ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की नई व्यवस्था का खाका तैयार किया गया है। संस्थान के निदेशक डॉ. डीके सिन्हा ने इस आधुनिक तकनीकी प्रणाली को बारीकी से देखने के बाद सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को इसे जल्द से जल्द पूरे अस्पताल में धरातल पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

मरीजों की सहूलियत के लिए बेहतर प्रबंधन पर जोर

अस्पताल परिसर में भर्ती होने वाले मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा न हो, इसके लिए विभिन्न काउंटरों पर कर्मियों की संख्या और उनके काम करने के तौर-तरीकों की भी समीक्षा की गई। निदेशक ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल आने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति को सही समय पर सही जानकारी मिलनी चाहिए ताकि उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर न काटने पड़ें। इसके साथ ही उन्होंने ओपीडी और वार्डों के आसपास सफाई व्यवस्था को और ज्यादा पुख्ता करने तथा डॉक्टरों की उपस्थिति समय पर सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए हैं।

जनता की शिकायतों के लिए दोबारा लगेंगी सुझाव पेटियां

संस्थान के कामकाज में पारदर्शिता लाने और मरीजों के अनुभवों को सीधे जानने के लिए प्रबंधन ने एक पुराना और प्रभावी तरीका दोबारा अपनाने का फैसला किया है। निदेशक ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिया कि अस्पताल के प्रमुख और व्यस्ततम स्थानों पर पुरानी सुझाव पेटियों (सजेशन बॉक्स) को फिर से उपयुक्त और दृश्यमान जगहों पर स्थापित किया जाए। इस व्यवस्था के माध्यम से मरीज और उनके परिजन अस्पताल की व्यवस्थाओं, डॉक्टरों के व्यवहार या किसी भी प्रकार की असुविधा को लेकर अपनी लिखित शिकायत और फीडबैक सीधे प्रबंधन तक पहुंचा सकेंगे, जिसकी नियमित रूप से उच्च अधिकारियों द्वारा निगरानी की जाएगी।

रिम्स प्रबंधन की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्रतिबद्धता

इस व्यापक निरीक्षण और नई व्यवस्थाओं के लागू होने से आने वाले दिनों में रिम्स की कार्यप्रणाली में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम लागू होने से जहां एक तरफ दलालों और बिचौलियों के हस्तक्षेप पर पूरी तरह से लगाम लगेगी, वहीं दूसरी तरफ गंभीर मरीजों को बिना किसी देरी के तुरंत बेड आवंटित हो सकेंगे। निदेशक डॉ. सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे ताकि आम जनता का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य तंत्र पर और मजबूत हो सके।

Latest news

Related news