स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी, ताला तोड़कर निजी नर्सिंग होम में की जांच, संचालक फरार

मधुबनी, । मधुबनी जिले के जयनगर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच के दौरान एक निजी नर्सिंग होम में भी छापेमारी की। टीम के पहुंचने की भनक लगते ही नर्सिंग होम का संचालक अपने कर्मचारियों के साथ अस्पताल में ताला लगाकर फरार हो गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और विभिन्न हिस्सों की जांच की। इस दौरान परिसर में दवा दुकान, मरीजों के लिए बेड और कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी सामग्री मिली। विभाग ने मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला जयनगर थाना क्षेत्र में किसान भवन के सामने का है। जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग को यहां अवैध तरीके से अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर टीम जांच के लिए पहुंची थी। जांच के दौरान आसपास के स्वास्थ्य संस्थानों की गतिविधियों पर भी नजर डाली जा रही थी। इसी क्रम में टीम की नजर पास में संचालित एक निजी नर्सिंग होम पर पड़ी, जिसके संचालन में अनियमितता की आशंका जताई गई थी। बताया गया है कि टीम की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही नर्सिंग होम संचालक को छापेमारी की जानकारी मिल गई। आरोप है कि वह अपने कर्मचारियों के साथ अस्पताल में ताला लगाकर वहां से निकल गया। यह भी बताया जा रहा है कि जाते समय कुछ उपकरण अपने साथ ले जाए गए, हालांकि इस संबंध में विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। संचालक और कर्मचारियों के मौके से चले जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का ताला तोड़कर अंदर जांच की। परिसर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण करने पर वहां दवा दुकान, मरीजों के लिए लगाए गए बेड और अन्य स्वास्थ्य सामग्री मिली। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि नर्सिंग होम का संचालन किन दस्तावेजों और अनुमति के आधार पर किया जा रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मरीजों के इलाज के लिए निर्धारित नियमों और स्वास्थ्य मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

– निजी नर्सिंग होम के संचालन पर उठते रहे हैं सवाल
जयनगर बाजार सहित मधुबनी जिले के विभिन्न इलाकों में निजी नर्सिंग होम के संचालन और स्वास्थ्य मानकों के अनुपालन को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ संस्थानों में आवश्यक मानकों का पालन नहीं किए जाने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कुछ संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद नाम और बोर्ड बदलकर दोबारा संचालन शुरू कर दिया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित मामलों की जांच के आधार पर ही हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी के दौरान संचालक और कर्मचारियों के मौके से चले जाने की घटना ने भी जांच की प्रक्रिया और कार्रवाई की प्रभावशीलता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

– सिविल सर्जन ने की कार्रवाई की पुष्टि
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र कुमार ने बताया कि जयनगर में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर के साथ-साथ अवैध तरीके से निजी अस्पताल संचालित किए जाने की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। छापेमारी के दौरान कुछ साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग नर्सिंग होम के संचालन से जुड़े दस्तावेजों और मौके से मिले साक्ष्यों की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति और संबंधित संचालक के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

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