12 Jyotirlingas : मां और बेटे का रिश्ता दुनिया के सबसे गहरे रिश्तों में गिना जाता है. मां पर संकट आए तो बेटा हर संभव कोशिश करता है कि वह जल्द स्वस्थ हो जाए. बिहार के एक युवा की कहानी इन दिनों इसी भावनात्मक रिश्ते और भगवान शिव के प्रति उसकी आस्था को लेकर चर्चा में है. मां की बीमारी के दौरान उसने भगवान शिव से मन्नत मांगी थी कि यदि उसकी मां ठीक हो गईं, तो वह देशभर में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए दौड़ लगाते हुए यात्रा पूरी करेगा. मां की तबीयत में सुधार के बाद अब वह अपनी इसी मन्नत को पूरा करने के लिए लंबी यात्रा पर निकला है.
A devoted son from Bihar is redefining faith in Kalyug Pure devotion
When his mother fell ill he promised Lord Shiva he’d run to all 12 Jyotirlingas if she recovered.
Now that she is completely well he is running across India to fulfill his vow https://t.co/G9mkKp6Uk6
— Ramesh Speaks (@rameshofficial0) October 14, 2026
इस युवा का नाम मोनू मेटुरबाला बताया जा रहा है. वह बिहार की राजधानी पटना का रहने वाला है. सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी और 14 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, मोनू ने अपनी धार्मिक यात्रा 15 मार्च 2026 को पटना से शुरू की थी. उसका लक्ष्य भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचना है. इस यात्रा की खास बात यह है कि वह सामान्य तीर्थयात्री की तरह केवल वाहन से मंदिरों तक नहीं जा रहा, बल्कि लंबी दूरी दौड़कर तय कर रहा है.
मोनू की यह पहल मां के प्रति प्रेम, संकल्प और धार्मिक आस्था की कहानी के रूप में लोगों का ध्यान खींच रही है.

मां की बीमारी के दौरान भगवान शिव से मांगी थी मन्नत
मोनू की यात्रा के पीछे उसकी मां ललती देवी की बीमारी को वजह बताया गया है. मां की तबीयत खराब होने पर मोनू ने भगवान शिव से प्रार्थना की थी कि यदि उनकी सेहत ठीक हो जाती है, तो वह देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने जाएगा.
मां की तबीयत में सुधार होने के बाद उसने अपनी मन्नत पूरी करने का फैसला किया. इसके लिए उसने लंबी दूरी की दौड़ को माध्यम बनाया. यह यात्रा केवल मंदिरों तक पहुंचने का प्रयास नहीं, बल्कि उस संकल्प को पूरा करने की कोशिश है, जो उसने अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर किया था.

रोजाना करीब 50 किलोमीटर दौड़ने का दावा
सोशल मीडिया से आ रही जानकारी के मुताबिक मोनू रोजाना लगभग 50 किलोमीटर दौड़ने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. इतनी लंबी दूरी तय करना आसान नहीं है. इसके लिए शारीरिक क्षमता, नियमित अभ्यास, अनुशासन और आराम की जरूरत होती है.
लंबी दूरी की यात्रा में मौसम, सड़क की स्थिति, थकान और भोजन-पानी की व्यवस्था जैसी चुनौतियां भी सामने आती हैं. मोनू की यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों के सहयोग का भी जिक्र किया गया है. बताया गया है कि कई जगहों पर लोग उसे प्रोत्साहित करते हैं और कुछ लोग उसके साथ दौड़कर या चलकर उसका उत्साह बढ़ाते हैं.
रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि रात में ठहरने की व्यवस्था और रास्ते में मदद मिलने से उसे अपनी यात्रा जारी रखने में सहारा मिल रहा है.
पटना से शुरू हुई यात्रा, कई ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचे मोनू
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोनू ने 15 मार्च 2026 को पटना से अपनी यात्रा शुरू की थी. इस दौरान उसने झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम, आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, तमिलनाडु के रामेश्वरम और महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर सहित कई धार्मिक स्थलों के दर्शन किए हैं. महाराष्ट्र के बीड जिले में स्थित परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग पहुंचने का भी उल्लेख रिपोर्ट में है.
मोनू का संकल्प केवल 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन तक सीमित नहीं बताया गया है. रिपोर्टों के अनुसार, उसने चार धाम की यात्रा करने का भी लक्ष्य रखा है.
‘ब्लैक पैंथर मोनू’ के नाम से हो रहे लोकप्रिय
रिपोर्ट में मोनू को ‘ब्लैक पैंथर मोनू’ नाम से भी संबोधित किया गया है.उनकी यात्रा के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. बताया गया है कि रास्ते में स्थानीय लोग उनका स्वागत करते हैं और कुछ युवा उनके साथ दौड़ते हुए गांव की सीमा तक जाते हैं। कुछ लोग ठहरने और दूसरी जरूरतों में मदद भी करते हैं.
कौन हैं 12 ज्योतिर्लिंग और क्यों है इनका महत्व?
हिंदू धर्म में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित इन तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
1. सोमनाथ — गुजरात – प्रभास पाटन में अरब सागर के किनारे स्थित प्रसिद्ध शिव तीर्थ।
2. मल्लिकार्जुन — आंध्र प्रदेश- श्रीशैलम में स्थित यह मंदिर शिव और माता पार्वती की उपासना का प्रमुख केंद्र है.
3. महाकालेश्वर — मध्य प्रदेश -उज्जैन का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग, जहां महाकाल की पूजा की जाती है.
4. ओंकारेश्वर — मध्य प्रदेश – नर्मदा नदी के क्षेत्र में स्थित प्रमुख शिव धाम.
5. केदारनाथ — उत्तराखंड- हिमालय में स्थित यह मंदिर चार धाम यात्रा के प्रमुख पड़ावों में शामिल है.
6. भीमाशंकर — महाराष्ट्र – सह्याद्रि क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर.
7. काशी विश्वनाथ — उत्तर प्रदेश- वाराणसी में गंगा तट के निकट स्थित भगवान शिव का प्रमुख धाम.
8. त्र्यंबकेश्वर — महाराष्ट्र – नासिक जिले में स्थित यह मंदिर गोदावरी नदी के उद्गम क्षेत्र से जुड़ा है.
9. वैद्यनाथ — झारखंड- देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख शिव तीर्थों में गिना जाता है.
10. नागेश्वर — गुजरात -द्वारका के निकट स्थित प्रमुख शिव मंदिर.
11. रामेश्वरम — तमिलनाडु – रामनाथस्वामी मंदिर अपने विशाल गलियारों और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है.
12. घृष्णेश्वर — महाराष्ट्र – एलोरा की गुफाओं के पास स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग.

