पटना। NEET पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। परीक्षा रद्द होने से देश के लाखों छात्र निराश थे, लेकिन उनके भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए एजेंसी ने नई तारीखों की घोषणा कर दी है। अब देशभर के विभिन्न केंद्रों पर 21 जून 2026 को नीट यूजी (NEET-UG) की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। इसी बीच, बिहार सरकार ने राज्य के परीक्षार्थियों को एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, 'X' पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल 'X' (ट्विटर) पर इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि NEET परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए राज्य की सभी सरकारी बसों में सफर पूरी तरह मुफ्त रहेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से एक विशेष अपील भी की है। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और मुख्य चौराहों पर छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए पीने का पानी, सत्तू और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासन की मदद करें। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं।
पेपर लीक मामले पर थमता नहीं दिख रहा सियासी घमासान
भले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी हो, लेकिन नीट पेपर लीक को लेकर देश की राजनीति लगातार सुलग रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का आरोप है कि इस गड़बड़ी से देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष लगातार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए सरकार को घेर रहा है।
राहुल गांधी के आरोपों पर बिहार के डिप्टी सीएम का पलटवार
इस पूरे राजनीतिक विवाद पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ किया कि पेपर लीक मामले की जांच पूरी गंभीरता से चल रही है। राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को सिर्फ बयानबाजी करने की आदत है, इसलिए उनकी बातों को ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करवा रही है।

