वैशाली। जिला एक बार फिर शिक्षा विभाग के मामले में चर्चा में आ गया है। हाजीपुर स्थित कुछ कॉलेजों को बीएससीसी योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि पर सरकार ने रोक लगा दी है। बता दें कि वैशाली जिले के तीन कॉलेजों के भुगतान पर रोक लगाई गई है। इनमें हाजीपुर के उमेश मिश्रा रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज, इंदु देवी रंजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज और डॉ. रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज शामिल हैं। इस संबंध में बिहार सरकार की ओर से परियोजना प्रबंधक को आदेश जारी किया गया है। वहीं, वैशाली जिला अधिकारी की ओर से इन कॉलेजों की मान्यता रद्द करने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है।
वैशाली जिला अधिकारी वर्षा सिंह ने जानें क्या बताया?
वैशाली जिला अधिकारी वर्षा सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इन कॉलेजों में बिहार सरकार की सात निश्चय योजना के अंतर्गत चलने वाली बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (बीएससीसी) योजना का दुरुपयोग हो रहा था। जानकारी मिली थी कि फंड का भुगतान तो हो रहा है, लेकिन छात्र वहां पढ़ाई नहीं कर रहे हैं और सरकार का लाभ सही तरीके से छात्रों तक नहीं पहुंच रहा है। इस मामले की जांच के लिए वैशाली डीडीसी के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया। जांच में पाया गया कि कॉलेजों में कई ऐसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी कोई उचित व्यवस्था नहीं है। जहां लैब दिखाए गए हैं, वहां आवश्यक उपकरण नहीं हैं। कई कोर्स चलाए जा रहे हैं, लेकिन उनके लिए जरूरी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
फंड के दुरुपयोग की आशंका प्रबल
जांच में यह भी सामने आया कि कॉलेजों में छात्र संख्या भी बहुत कम है, जबकि कागजों में कई कोर्स संचालित दिखाए जा रहे हैं। इससे फंड के दुरुपयोग की आशंका प्रबल हो गई है। इस संबंध में रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है और इन कॉलेजों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। संभावना है कि इन कॉलेजों की मान्यता रद्द की जा सकती है। साथ ही, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाला लाभ भी अब इन कॉलेजों को नहीं मिलेगा। वहीं, बताया जा रहा है कि इस मामले से जुड़े पटना स्थित आद्या इंटरनेशनल कॉलेज और मुजफ्फरपुर स्थित अर्पिता इंटरनेशनल कॉलेज भी अब जांच के दायरे में हैं।

