बिना लक्षण शुरू होता है फैटी लिवर, समय रहते न करें नजरअंदाज

गलत खानपान और दिनचर्या से लिवर के गंभीर रोग हो सकते हैं. इन रोगों में सबसे सामान्य रोग है फैटी लिवर. यानी लिवर पर चर्बी का जमना. यह लिवर के गंभीर रोगों की शुरुआत है. यदि फैटी लिवर पर नियंत्रण न किया जाए और उपचार नहीं किया जाए तो लिवर से संबंधित कई गंभीर रोग हो सकते हैं. इनमें लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर भी शामिल हैं. लिवर को सुरक्षित रखने के लिए और बीमारियों से बचानेके लिए क्या करें. यह आपको एक्सपर्ट बताएंगे.

लिवर के फैटी होने के कई कारण होते हैं. इनमें शराब और गलत खानपान मुख्य हैं. इसके अलावा जिन लोगों को डायबिटीज है उन्हें भी फैटी लिवर का खतरा रहता है. फैटी लिवर में अक्सर कोई लक्षण नहीं होते, जब रोग गंभीर हो जाता है तब इसके लक्षण उभरते हैं. फैटी लिवर से केवल लिवर संबंधी ही नहीं बल्कि कई और गंभीर रोग भी हो सकते हैं.लिवर के कुल भार का 10 प्रतिशत चर्बी हो जाती है तब फैटी लिवर की परेशानी होती है. यह चर्बी लिवर की कोशिकाओं में जमा हो जाती है. शराब और खानपान के कारण हुए फैटी लिवर में स्थिति अलग होती हैं.

क्या होते हैं लक्षण
फैटी लिवर में अक्सर कोई लक्षण नहीं उभरते हैं. जिन मरीजों में लक्षण उभरते हैं उनमें थका हुआ होना या सामान्य रूप से खुद को बीमार महसूस करना मुख्य हैं. मरीज केपेट के उपरीदाहिने हिस्से में दर्द होना. इसके अलावा यूरिन का रंग गहरा होना. पेट का सूजाहुआ महसूस होना. त्वचा पर कहीं खुजली होना. आंखों का रंग पीला पड़ना मल काला होना. गंभीर लक्षणों में खून की उल्टी होना शामिल है.

ऐसे बच सकते हैं
लिवर को फैटी होने से बचाना है तो अपना वजन नियंत्रित रखें. ज्यादा तला भुना खाने से बचें और शराब का सेवन बंद करें या फिर कम से कम कर दें. यदि धूम्रपान करते हैं तो तुरंत छोड़ दें. खून में यदि कोलेस्ट्रॉल या ट्राईग्लेसाईड ज्यादा हो तो उसे नियंत्रित करें. दिनचर्या को नियमित करें. व्यायाम करें और फल और सब्जियों का ज्यादा प्रयोग करें और वसा रहित भोजन करें. कोई भी लक्षण उभरने पर डॉक्टर से संपर्क करें.

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