वाराणसी : जिले में डेंगू ने कहर बरपा दिया है.अस्पतालों में डेंगू मरीजों की भरमार हो गई है.हालात ये है कि प्रशासन को डेंगू को लेकर हेल्प लाइन नंबर जारी करना पड़ा है. अस्पताल प्रशासन का दावा है कि डेंगू कंट्रोल में है. किसी भी मरीज को नहीं हो रही है प्लेटलेट्स की कमी. अस्पतालों में भर्ती मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैँ.
वाराणसी में डेंगू को लेकर प्रशासन की तरफ से भले ही हेल्प लाइन नंबर जारी किये गए हों लेकिन सरकारी अस्पताल डेंगू के मरीजों और उनके ठीक होने में काफी निश्चिंत दिखाई दे रहे हैं.
हालात यह है कि पूरा अस्पताल मच्छरदानी के भीतर है. कोई बुखार से पीड़ित है तो कोई डेंगू से. सरकारी अस्पताल तो थोड़ा बहुत आंकड़े भी दे रहे हैं लेकिन प्राइवेट अस्पतालों से मरीजों के आंकड़े बाहर नहीं आ रहे हैं.
अस्पतालों की तरफ से ग़फ़लत यह फैलाई जा रही है कि बुखार में प्लेटलेट्स का कम होना स्वाभाविक है.अधिकांश मरीज वायरल फीबर के हैं इसलिए ज्यादा घबड़ाने की जरूरत नहीं है. डेंगू की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की आनन फ़ानन में डेंगू के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है ताकि मरीजों को और बेहतर सुविधा दी जा सके.
भले ही सरकारी आंकड़ों में डेंगू के मरीज दहाई अंक में नहीं हैं लेकिन शहर के हालात पर यदि नजर डालें तो सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के पेशेंट भरे हुए हैं. प्लेटलेट्स के लिए मारा मारी मची हुई है. इसके बावजूद चिकित्सा अधिकारी डेंगू की आंकड़ेबाजी का खेल खेल रहे हैं. हालांकि शहर में डेंगू से बचाव के उपाय का प्रचार प्रसार किया जा रहा है. लोगों से मछरदानी से बाहर नहीं निकलने की सलाह भी दी जा रही है लेकिन फिलहाल डेंगू का कहर कम होता नहीं दिख रहा है.

