इमरान खान ने फिर की भारतीय विदेश नीति की तारीफ, कहा- मैं अमेरिका से वैसा ही रिश्ता चाहता हूं जैसा भारत का है

पिछले गुरुवार यानी 3 नवंबर को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर हुए जानलेवा हमले ने पाकिस्तान के साथ-साथ दुनिया को झकझोर कर रख दिया था. हमले के एक हफ्ते बाद इमरान खान ने एक इंटरव्यू में हमले के बाद परेशान परिवार, विशेष रूप से यूके में रहने वाले उनके बेटों के डर को साझा किया.
ब्रिटिश टेलीविजन एंकर पीयर्स मॉर्गन के साथ एक बातचीत में, इमरान खान ने कथित तौर पर हत्या के प्रयास में शामिल तत्वों के बारे में बात की, हमले के बाद उन्हें और उनके परिवार को हुए मानसिक तनाव का जिक्र किया. इसके साथ ही दबी ज़बान में इमरान खान ने फिर भारतीय विदेश नीति की भी तारीफ की. अमेरिका के साथ पाकिस्तान के संबंधों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वो अमेरिका से वैसे रिश्ते चाहते है जैसे इस समय भारत और अमेरिका के है. आपको बता दें यूक्रेन-रूस युद्ध के बाद अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत के रूस से तेल खरीदते रहने के फैसले की इमरान खान पहले भी तारीफ करते रहे हैं. इमरान खान ने इस इंटरव्यू में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के चुने जाने पर भी हैरानी जताई. इसी इंटरव्यू के कुछ हिस्से जो इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने अपने ट्वीटर हैंडल पर शेयर किए है हम आपके लिए लेकर आए है.

‘मेरे बेटे काफी चिंतित थे’- इमरान खान
इस इंटरव्यू में इमरान खान ने अपनी पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ और बेटों के बारे बात करते हुए कहा कि मुझपर हुए हमले से वो सदमे में थे. उन्होंने कहा “जब मैं अस्पताल पहुंचा, दो घंटे के बाद, मैंने अपनी पूर्व पत्नी और बेटों से बात की. मेरी पूर्व पत्नी मुझसे बात कर काफी राहत महसूस कर रही थी लेकिन मेरे बेटे काफी चिंतित थे. मैं उन्हें जल्द ही देखने की उम्मीद करता हूं.”
इमरान ने बताया की उनका बड़ा बेटा (सुलेमान) हमेशा से उनके राजनीति में शामिल होने के फैसले के खिलाफ था. इसलिए जब मुझे गोली लगी तो वो बहुत चिंतित हो गया.
अपने पर हमले को काफी हल्के में पेश करते हुए इमरान खान ने कहा कि, “हमारे जीवन पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है, यह सब अल्लाह के हाथों में है”.

‘वे मुझे फिर से निशाना बनाएंगे’-इमरान खान
अपने पर हुए जानलेवा हमले के बारे में बात करते हुए इमरान खान ने कहा ये एक कोशिश थी मुझे हमेशा के लिए खामोश कर देने की. इमरान ने कहा कि पाकिस्तान की राजनीति का कुलीन वर्ग उन्हें बाहरी मानता है. वो ये बर्दाश्त नहीं कर सकते कि एक बाहरी देश की राजनीतिक व्यवस्था को बदल दें. इसलिए वो मेरा कड़ा विरोध कर रहे हैं.
इंटरव्यू में इमरान खान ने कहा कि, “ये ताकतवर लोग मुझे फिर से निशाना बनाने की कोशिश करेंगे क्योंकि उन्हें डर है कि मेरी पार्टी अगले चुनाव में जीत हासिल करेगी.”
“वे फिर से कोशिश करेंगे, इसलिए मैंने अपने घर की सुरक्षा बढ़ा दी है.”
इमरान ने जोर देकर कहा कि कानून का शासन ही एक सभ्य समाज और एक छद्म गणराज्य के बीच का अंतर है. “एक चीज जो हमें पीछे कर रही है वह यह है कि हमारे पास पाकिस्तान में न्याय नहीं है.”
इमरान ने एक बार फिर अफसोस जताया कि उन पर सशस्त्र हमले के बाद तीन “महत्वपूर्ण लोगों” के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जा सका, उन्होंने कहा, “हमारी शिकायत में जो नाम दिए गए थे उनमें से एक खुफिया अधिकारी था”. इमरान ने कहा, “कल्पना कीजिए कि इस देश एक आम आदमी किस चीज़ से गुजरता होगा, जब उसका सामना ताकतवर से होता होगा तो वो असहाय हो जाता होगा.”
यह पूछे जाने पर कि जब उन्हें देश के शासक वर्ग पर भरोसा नहीं है तो वो किसपर भरोसा करते हैं. इमरान ने जवाब दिया “वह पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश पर भरोसा करते हैं” क्योंकि सिर्फ वो ही हैं जो हमले की निष्पक्ष जांच कर सकते थे.
इमरान खान ने आरोप लगाया कि उन पर दो निशानेबाजों ने हमला किया, यह बताते हुए उन्होंने इस बात पर ज्यादा जोर दिया कि “दूसरा हमलावार अभी भी फरार है.” इमरान ने कहा कि “जब आप माफियाओं से निपटते हैं, तो आप का जीवन हमेशा खतरे में होता है लेकिन मैंने न्याय के लिए लड़ने का फैसला लिया.” पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी पार्टी के उन समर्थकों का भी जिक्र किया जिन्होंने उन्हें बचाने के लिए बलिदान दिया. इमरान ने कहा “अपने परिवार के साथ रैली में आए समर्थक को अपनी जान गंवाते हुए देखना काफी दर्दनाक था. लेकिन हमने उस समर्थक के बच्चों की पूरी जिंदगी देखभाल करने का फैसला किया है.”


‘अमेरिका के साथ भारत जैसे संबंध चाहता हूं’
अमेरिका के साथ पाकिस्तान के संबंधों पर किए गए एक सवाल के जवाब में कहा, “अमेरिका एक महाशक्ति है” उन्होंने कहा कौन अमेरिका के साथ अच्छे संबंध नहीं रखना चाहेगा” इमरान ने कहा, “मुझे बस एक परेशानी है. पाकिस्तान-अमेरिका संबंध हमेशा से मालिक-नौकर के संबंध की तरह रहे हैं. हम खुद को नीचा दिखाते हैं, मुझे लगता है कि हम खुद को टिशू पेपर की तरह इस्तेमाल करने देते हैं.” पाकिस्तान के पूर्व पीएम ने कहा कि वह अमेरिका के साथ वैसे ही रिश्ता चाहते हैं जैसा भारत अमेरिका के साथ करता है.

भारतीय मूल के व्यक्ति का ब्रिटेन का पीएम चुने जाने से हैरान हूं
ब्रिटिश प्रधान मंत्री के रूप में ऋषि सुनक के चुनाव पर टिप्पणी करते हुए इमरान खान ने कहा कि वह सुनक के चुनाव से हैरान थे – एक “गैर-श्वेत” का प्रधानमंत्री बन जाना बड़ी बात है.
इमरान ने कहा, “मैं यह स्वीकार करता हूं कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन ब्रिटेन भारतीय मूल के प्रधानमंत्री के लिए तैयार होगा.” उन्होंने बताया कि काउंटी क्रिकेट में भी उन्हें नस्लवाद का सामना करना पड़ा था.

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