Salman Khan Firing Case : अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग मामले में आरोपियों को हथियार सप्लाई करने का आरोपी उनुज थापन Anuj Thapan के मौत की खबर है. बताया जा रहा है कि अनुज थापन ने पुलिस की कस्टड में ही आत्महत्या का प्रयास किया, बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.अनुज थापन को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सलमान के घर पर फायरिंग करने वालों को हथियार मुहैय्या कराने के आरोप में कस्टडी में लिया था.
Salman Khan Firing Case : पिछले हफ्ते हुआ था गिरफ्तार
सलमान खान के घर पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार सागर पाल और विकी गुप्ता से पूछताछ के आधार पर पंजाब से दो लोगों 37 साल के सुभाष गुप्ता और 32 साल के अनुज थापन की गिरफ्तारी हुई थी. पुलिस के मुताबिक ये दोनो लारेंस बिश्र्नोई गैंग के संपर्क में थे. पिछले हफ्ते मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुजरात के तापी नदी से जो हथियार बारमद किये थे, जिससे हमला किये जाने की बात गई जा रही है, पुलिस के मुताबिक ये वही हथियार थे जो सुभाष और अनुज थापन ने हमलावरों के दिये थे. ये दोनों आरोपी पंजाब में ट्रक हेल्पर का काम करते थे.
सलमान के घर फायरिंग करने वालों पर लगा है मकोका
सलमान के घर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है,उनपर मकोका एक्ट लगाया गया था. इस मामले में सलमान खान के बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड के बयान के आधार पर पुलिस ने इन चारों पर धारा 307 यानी जान से मारने की कोशिश और आर्म्स एक्ट के साथ साथ धमकी देना , अपराध के लिए उकसाना और अपराध के सबूत नष्ट किया जाने का मामला जोड़ दिया था.मकोका के साथ इन धाराओं के जुड़ जाने के बाद आरोपियों के लिए आने वाले दिन बेहद खराब होने वाले थे. आपको बता दें कि मुंबई के संगठित अपराध के खत्म करने के लिए बनाये गये मकोका कानून में आरोपी को तब जमानत नहीं मिलती है, जब तक की जांच पूरी ना हो जाये.
सलमान खान के घर 14 अप्रैल को तड़के हुई थी फायरिंग
आपको बता दें कि बॉलिवुड के दबंग खान के घर बांद्रा के गैलेक्सी अपार्टमेंट पर 14 मार्च को सुबह 4 बजकर 52 मिनट पर 5 राउंड फायरिंग हुई थी, जिसमें एक गोली सलमान खान के घर की दीवार पर लगी, वहीं दूसरी गोली नेट को चीरती हुई घऱ के अंदर ड्रॉइंग रुम की दीवार पर जा लगी . इसके बाद दोनो आरोपी बाइक से भागते दिखे थे. इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए लारेंस बिश्र्नोई के भाई अनमोल बिश्र्नोई ने कहा था कि ये तो ट्रेलर है. अनुपम बिश्र्नोई ने सोशल मीडिया पर लिखे एक पोस्ट में दावा किया था कि हम अमन चाहते हैं लेकिन जुल्म के खिलाफ फैसला अगर जंग से हो तो जंग ही सही.ये तो केवल दिखाने के लिए ट्रेलर था ताकि तुम हमारी ताकत समझ जाओ और हमें मत परखो, ये पहली और आखिरी वार्निंग है, अगली बार गोली खाली घर पर नहीं चलेगी.

