संवाददाता मुबारक हुसैन, फारबिसगंज : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव एवं 1984 बैच के आईएएस दीपक कुमार अपने स्कूलिंग जीवन को याद करने के लिए फारबिसगंज Farbesgunj पहुंचे. रविवार को फारबिसगंज के प्लस टू स्तरीय राजकीय उच्च विद्यालय ली अकादमी स्कूल में पहुंचकर अपने पुराने स्कूल के दिनों को याद किया. प्रिंसिपल सेक्रेटरी दीपक कुमार ने स्कूल के प्रधानाचार्य तेग बहादुर से मुलाकात की और अपने स्कूल के दिनों को साझा किया. उन्होंने बताया कि 1973 में जब उनके पिताजी कोशी प्रोजेक्ट में थे तो उन्होंने इसी स्कूल से दसवीं तक की पढ़ाई की थी. मौके पर अररिया एसपी अशोक कुमार सिंह के साथ फारबिसगंज और सदर के एसडीओ और एसडीपीओ समेत अन्य अधिकारी और विद्यालय के शिक्षक मौजूद थे.

Farbesgunj के ली अकादमी स्कूल में पढ़े हैं दीपक कुमार
मुख्यमंत्री प्रधान सचिव दीपक कुमार स्कूल परिसर में घूमे और उस क्लास में जाकर अपने पुराने दिनों को याद किया. उन्होंने उस समय के स्कूल के प्रिंसिपल धनिक लाल मंडल और अन्य शिक्षकों और अनुशासन प्रतिबद्धता को याद करते हुए भावुक भी हुए. मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा खेल के मैदान के जीर्णोद्धार को लेकर ध्यान आकृष्ट करने पर उन्होंने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के के पाठक से फोन पर बात की और उनसे स्कूल के मैदान के जीर्णोद्धार करवाने का निर्देश दिया.
प्रिंसिपल सेक्रेटरी दीपक जी ने कहा कि वो काफी दिनों से स्कूल आना चाह रहे थे और अब जाकर उनको मौका मिला है. मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के फारबिसगंज पहुंचने पर फारबिसगंज थाना परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. वहीं स्कूल पहुंचने पर शिक्षक राजेश वाल्मीकि के देखरेख में एनसीसी के कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया. प्रिंसिपल ने बुके प्रदान कर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के साथ उनकी पत्नी और बेटी भी थी.

