Tarunotsav: ब्रिटेन की संसद में बोले जैन मुनि -दुनिया को बचाना है तो महावीर ही मात्र एक विकल्प हैं

ब्रिटेन की संसद में पहली बार क्रांतिकारी राष्ट्र संत जैन मुनि तरुण सागर जी की जयंती मनाई गई. राष्ट्र संत जैन मुनि तरुण सागर जी की ये 56वीं जयंती का समारोह था जिसे तरूणोत्सव नाम दिया गया.

दुनिया को बचाना है तो महावीर ही मात्र एक विकल्प हैं- पर्वसागरजी महाराज

जैन मुनि तरुण सागर जी के शिष्य पर्व सागर जी महाराज ने तरुणोत्सव में प्रवचन देते हुए कहा कि अगर दुनिया को महाविनाश बचाना है तो दो ही मार्ग हैं, एक महावीर का और दूसरा महाविनाश का. इसलिए हमें महावीर और उनकी अहिंसा को जानना और जीना होगा. आज दुनिया हिंसा के तमाम हथियार जुटाए हुए बैठी है, जो एक दिन महाविनाश का कारण बनेंगे. अगर इस महाविनाश से बचना है तो महावीर ही मात्र एक विकल्प हैं. उनकी अहिंसा, समरसता और विश्व मैत्री से ही सब कुछ ठीक हो सकता है.

तरूण सागर जी महाराज की एक प्रतिमा का लोकार्पण भी हुआ

26 जून 2023 को ब्रिटिश संसद भवन में आयोजित हुए तरूणोत्सव समारोह में क्रांतिकारी राष्ट्र संत जैन मुनि श्री तरूण सागर जी महाराज की एक प्रतिमा का लोकार्पण किया गया. इस मौके पर उनकी प्रसिद्ध किताब कड़वे प्रवचन का अंग्रेज़ी में दर्शन अवलोकन भी हुआ. गुरु के आशीर्वाद के तौर पर पर्व सागर जी महाराज ने ब्रिटिश सरकार के मंत्री और अनेक सांसदों को जैन मुनि श्री तरूण सागर जी महाराज की किताब कड़वे प्रवचन दिए.

British parliament celebrate Tarunotsav
British parliament celebrate Tarunotsav
Parvsagarji Maharaj with Britain's Minister and MP Greath Thomas
Parvsagarji Maharaj with Britain’s Minister and MP Greath Thomas
British parliament celebrate Tarunotsav
British parliament celebrate Tarunotsav

गुरु मंत्र का विस्तार कर रहा हूं- पर्वसागरजी महाराज

अपने लंदन के कार्यक्रम और संसद में दिए प्रवचन को पर्वसागरजी महाराज ने ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि देश-दुनिया को गुरु पुष्पदंत और श्री तरूणसागर जी महाराज ने जो विशेष आशीर्वाद गुरु मंत्र दिए हैं, उनके विस्तार की ज़िम्मेदारी उनके शिष्यों की होती है. उसी जिम्मेदारी को पूरा करते हुए वे आज इस अविस्मरणीय ऐतिहासिक अवसर धर्म व राष्ट्र संस्कृति प्रभावना के गुरु मंत्र का विस्तार कर रहे हैं.

ब्रिटिश सरकार ने दिया पर्वसागरजी महाराज को अवार्ड

तरुणोत्सव नाम के समारोह में ब्रिटिश सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए सरकार के मंत्री व सांसद ग्रेथ थॉमश ने पर्वसागरजी महाराज को उनकी विश्वमैत्री अहिंसा धर्म प्रभावना यात्रा को यूके की उपलब्धि बताई और तरूण सागर जी महाराज के 56वें जन्म जयंती पर शुभकामनाएँ दी. मंत्री व सांसद ग्रेथ थॉमश ने ब्रिटेन के इतिहास में प्रथम जैन संत की पहली यात्रा की ख़ुशी ज़ाहिर की और पर्वसागरजी महाराज के जैन धर्म और मानवता के लिए किए गए काम की प्रशंसा करते हुए उन्हें सरकार की ओर से सम्मान स्वरूप एक आवार्ड भी दिया. इस मौके पर हिंदू संस्कृति का प्रचार प्रसार में समर्पित सिद्ध श्रम प्रमुख संत राज राजेश्वर जी भी मौजूद थे.

तरूण सागर जी महाराज प्रगतिशील जैन मुनि माने जाते थे

26 जून 1967 को मध्य प्रदेश के दाहो जिले में जन्मे तरुण सागर का मूल नाम पवन कुमार जैन था. प्रसिद्ध दिगंबर जैन भिक्षु की जैन समुदाय में काफी प्रसिद्धि थे और उनके अनुयायियों की संख्या भी विशाल थी. वर्ष 1981 में उन्होंने ब्रह्मचर्य स्वीकार कर, एक भिक्षु का जीवन जीने का फैसला किया. तरूण सागर जी महाराज को ‘कड़वे प्रवचन’ नामक उनके उपदेशों के लिए जाना जाता था. तरुण सागर जी एक प्रगतिशील जैन मुनि माने जाते थे.
वे हिंसा, भ्रष्टाचार और रूढ़िवाद की अपने प्रवचनों के माध्यम से कड़ी आलोचना करते थे. इस वजह से उनके प्रवचनों को ‘कटु प्रवचन’ या ‘कड़वे वचन’ कहा जाता था.

इंग्लैंड की संसद में मेरा आना, गुरु की ऊर्जारूप में मौजूदगी को दिखाता है-पर्वसागरजी महाराज

तरूण सागर जी महाराज के इन्हीं प्रगतिशील तरीकों को अपना कर अब उसके शिष्य पर्वसागरजी महाराज उनके और जैन समुदाय के विचारों का प्रसार कर रहे हैं. लंदन में ब्रिटिश संसद में प्रवचन देने को उन्होंने गुरुदेव का चौथा सपना बताया. उन्होंने कहा उनके गुरु तरूण सागर जी महाराज विधानसभा और लोकसभा में कड़वे प्रवचन देने के लिए जाने जाते थे. आज उनके जन्म दिवस पर यहां देश से बाहर, इंग्लैंड की संसद में मेरा आना और यहां की सरकार का बुलाना निश्चित ही उनकी ऊर्जारूप में मौजूदगी को दिखाता है.

ये भी पढ़ें- भारी बारिश की चेतावनी के कारण पीएम का Shahdol दौरा स्थगित

Latest news

Related news