नई दिल्ली। केंद्र सरकार के विशेष स्वच्छता अभियान ने इस बार स्वच्छता और राजस्व सृजन दोनों ही क्षेत्रों में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एक माह तक चले इस राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों ने अनुपयोगी कबाड़ और ई-कचरे का निपटारा करके कुल 970.33 करोड़ रुपये की कमाई की।
कबाड़ बिक्री से कमाई में रेलवे शीर्ष पर
अक्टूबर माह में चलाए गए विशेष अभियान 6.0 के तहत कबाड़ और ई-कचरे के निपटान से सरकार को मिला राजस्व पिछले अभियान की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक रहा, जिसमें अकेले ई-कचरे से करीब 50 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। राजस्व जुटाने के मामले में रेलवे बोर्ड 618.06 करोड़ रुपये के साथ पहले पायदान पर रहा। इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग ने 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय ने 61.41 करोड़ रुपये तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 34.81 करोड़ रुपये अर्जित किए।
लाखों स्थानों पर सफाई और खाली हुई जगह
कार्मिक मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल 19.88 लाख से अधिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 71 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान सरकारी कार्यालयों में 277.82 लाख वर्ग फीट जगह भी खाली कराई गई। खाली कराई गई जगह के मामले में कोयला मंत्रालय 1.48 करोड़ वर्ग फीट के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 7.01 लाख से अधिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान संचालित कर सर्वाधिक स्थलों की सफाई का रिकॉर्ड बनाया।
लाखों फाइलों और जन शिकायतों का निपटारा
अभियान के अंतर्गत प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर दिया गया, जिसके तहत 9.99 लाख से अधिक जन शिकायतों और 40 हजार से अधिक अपीलों का समाधान किया गया। इसके साथ ही 26.79 लाख से अधिक पुरानी भौतिक फाइलों की समीक्षा करके 15.76 लाख से ज्यादा फाइलों को हटा दिया गया, जबकि 7 लाख से अधिक ई-फाइलों को बंद कर डिजिटल रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित किया गया।

