10 लाख डॉलर के संदिग्ध लेन-देन पर ED की नजर, विदेशी साजिश की आशंका

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारत के आंतरिक मामलों में कथित हस्तक्षेप और 10 लाख डॉलर (करीब 8.3 करोड़ रुपये) के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के मामले में दो विदेशी संस्थाओं के खिलाफ व्यापक जांच शुरू कर दी है। यह राशि कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय चैनलों के माध्यम से घुमाकर ब्रिटेन स्थित एक ऐसी कंपनी के खाते में भेजी गई थी, जिसके तार भारत से जुड़े बताए जा रहे हैं।

कई देशों के नेटवर्क से जुड़ा धन शोधन

ईडी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस लेन-देन को अंजाम देने के लिए जर्मनी, दुबई, लिथुआनिया, कनाडा, सेंट किट्स और ब्रिटेन जैसे आधा दर्जन से अधिक अधिकार क्षेत्रों का सहारा लिया गया। जांच एजेंसियों ने टैक्स हैवन के रूप में पहचाने जाने वाले देश सेंट किट्स एंड नेविस में पंजीकृत 'टीसीसी डिजिटल मार्केट्स लिमिटेड' को इस फंड का प्राथमिक स्रोत पाया है।

अनुदान के नाम पर पैसों की लेयरिंग

जांचकर्ताओं के अनुसार, इस राशि को छद्म तरीके से 'अनुदान' (ग्रांट) के रूप में दर्शाया गया और वित्तीय जटिलताओं का जाल बुनकर (लेयरिंग) कई माध्यमों से भारत में स्थित कुछ संस्थाओं तथा व्यक्तियों तक पहुंचाया गया। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस धन का अंतिम उपयोग भारत में किस उद्देश्य से किया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन से मुख्य चेहरे शामिल हैं।

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