नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उन पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और देश में अराजकता का माहौल निर्मित करने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि राहुल गांधी एक ऐसे नेता के रूप में सामने आ रहे हैं जो लोकतंत्र का दम घोंटकर अव्यवस्था लाना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और उनके शीर्ष नेता की पूरी राजनीति हिंसक प्रदर्शनों एवं उथल-पुथल को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। भाटिया ने स्पष्ट किया कि भारत की जनता अराजकता अथवा हिंसक तौर-तरीकों को कतई स्वीकार नहीं करती, क्योंकि देशवासियों का भारत के संविधान में अटूट विश्वास है और वे व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने वाली ताकतों को नाकाम कर देते हैं।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च और भाजपा की प्रतिबद्धता
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए गौरव भाटिया ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल मार्च में अपार जनसमूह ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। प्रवक्ता के अनुसार, इन जन मार्चों का मुख्य उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक मूल्यों, प्रशासनिक स्थिरता और संवैधानिक ढांचे के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त करना है। उन्होंने दोहराया कि उपद्रव अथवा हिंसक विरोध प्रदर्शन भारतीय समाज के मूल संस्कारों, मूल्यों और प्रकृति का हिस्सा कभी नहीं रहे हैं।
सत्ता की लालसा और राहुल गांधी के राजनीतिक दृष्टिकोण पर कड़ा प्रहार
राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर प्रहार करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने एक प्रसिद्ध वेब सीरीज के चर्चित काल्पनिक पात्र का दृष्टांत दिया। उन्होंने कहा कि उस किरदार की भांति ही राहुल गांधी के भीतर सत्ता हासिल करने का एक अजीब जुनून दिखाई देता है। भाटिया ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस प्रकार वह काल्पनिक पात्र सत्ता की चाह में पूरे देश को आग में झोंकने और राख के ढेर पर भी राजा बनने की इच्छा रखता है, ठीक वैसी ही सोच आज देश के नेता प्रतिपक्ष की बनती जा रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि राहुल गांधी की इस प्रकार की विघटनकारी सोच को देखते हुए उन्हें नेता प्रतिपक्ष का संबोधन देने में भी संकोच महसूस होता है।

