नई दिल्ली। देश की राजधानी में स्थित भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के ऐतिहासिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की बेशकीमती जमीन को वापस लेने के केंद्र सरकार के हालिया कदम पर विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़े सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार की इस पूरी प्रक्रिया और कार्रवाई को अत्यंत शर्मनाक करार देते हुए कहा कि यह देश के पूरे वायुसेना परिवार के प्रति पूरी तरह से अपमानजनक और अनादरपूर्ण रवैया है।
पूर्व वायुसेना प्रमुख की रक्षा मंत्री से मुलाकात और कांग्रेस का हमला
कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सेवानिवृत्त होने से कुछ ही दिन पूर्व तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से व्यक्तिगत मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के ठीक समीप स्थित रेसकोर्स एयर फोर्स स्टेशन की प्रमुख जमीन पर भारतीय वायुसेना का प्रशासनिक और व्यावहारिक नियंत्रण बनाए रखने की जोरदार पैरवी की थी, जिसके लिए सैन्य आवश्यकताओं और वहां उपलब्ध खेल सुविधाओं का स्पष्ट हवाला दिया गया था। कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि आईएएफ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है, जिसने दशकों तक कई सार्वजनिक उद्देश्यों की पूर्ति की है और यह वायुसेना के सामाजिक बुनियादी ढांचे का अटूट हिस्सा रहा है।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की बेदखली और केंद्रीय मंत्रालय का नोटिस
प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के पास स्थित रेसकोर्स एयर फोर्स स्टेशन के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल और कई अन्य आधुनिक खेल सुविधाएं मौजूद थीं, जिसे पिछले बुधवार को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय द्वारा कॉम्प्लेक्स के प्रबंधन को जमीन खाली करने का कानूनी नोटिस जारी किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री आवास के निकट स्थित इस पूरी भूमि को तुरंत खाली कराकर वापस सौंपने की मांग की गई थी।
प्रमुख जमीनों को वापस लेने का प्रशासनिक अभियान
केंद्र सरकार की यह पूरी कवायद राजधानी के अति-सुरक्षित इलाके में स्थित बहुमूल्य जमीनों को पुनर्गठित और वापस अधिग्रहीत करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है। विगत कई सप्ताहों से भूमि एवं विकास कार्यालय द्वारा लोक कल्याण मार्ग और उसके आसपास के क्षेत्रों की प्रमुख रक्षा और खेल परिसरों की जमीनों की समीक्षा की जा रही है। इससे पूर्व भी केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने दिल्ली रेस क्लब को 53 एकड़ के विशाल परिसर से बेदखल कर दिया था तथा इंडिया पोलो एसोसिएशन से जयपुर पोलो ग्राउंड की जमीन को भी सार्वजनिक हित, प्रशासनिक आवश्यकताओं और रक्षा संबंधी ढांचागत परियोजनाओं का हवाला देकर वापस अपने नियंत्रण में ले लिया था।

