भारत के साथ तकनीकी साझेदारी चाहता है पोलैंड, AI सेक्टर में क्या है नई योजना?

नई दिल्ली। भारत की आधिकारिक यात्रा पर पधारे पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने दोनों देशों के मध्य तकनीकी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का जोरदार आह्वान किया है। उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल उत्पादों, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर काम करने की अपनी इच्छा स्पष्ट रूप से जाहिर की। ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट दो हजार सत्ताईस को संबोधित करते हुए टस्क ने कहा कि पोलैंड की विशिष्ट तकनीक एवं अनुसंधान विशेषज्ञता और भारत की विशाल उत्पादन क्षमता तथा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मजबूत पहुंच मिलकर वैश्विक स्तर पर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

तकनीकी साझेदारी और संयुक्त उपक्रमों पर जोर

पोलिश प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि अब केवल औपचारिक घोषणाएं करने के बजाय दोनों देशों को आपसी सहयोग से संयुक्त उपक्रम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने भारत और पोलैंड के शोध संस्थानों के बीच मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस, ऑटोमेशन और बुनियादी ढांचा प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक एआई तकनीक विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की प्रतिभाएं, पूंजी और अनुसंधान टीमें मिलकर वैश्विक बाजार के लिए क्रांतिकारी डिजिटल उत्पाद तैयार कर सकती हैं।

तीन दिवसीय भारत दौरा और रणनीतिक महत्व

डोनाल्ड टस्क अपने तीन दिवसीय दौरे के तहत एक उच्चस्तरीय व्यापारिक और वित्तीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है, जबकि इससे पूर्व वे यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के रूप में भी भारत आ चुके हैं। वर्ष दो हजार चौबीस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। टस्क की इस वर्तमान यात्रा से न केवल द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत एवं यूरोपीय संघ के रणनीतिक संबंधों में भी नया अध्याय जुड़ेगा।

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