भोपाल में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा अपडेट, 7 महीने से लॉक कनेक्शन बने परेशानी

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और उसके आसपास के क्षेत्रों में रसोई गैस को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों के चलते पिछले सात महीनों से नए गैस कनेक्शन अटके हुए हैं, वहीं बुकिंग पोर्टल से आम घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर का विकल्प अचानक गायब होने से स्थिति और विकट हो गई है। इसके कारण उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है, जहाँ एक तरफ नए कनेक्शन नहीं मिल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कामर्शियल या महंगे विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस संकट से सबसे अधिक परेशानी किराएदारों और मध्यम वर्गीय परिवारों को उठानी पड़ रही है, जबकि गैस एजेंसियों की ओर से भी कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिल पा रहा है। प्रशासनिक और बाजार विश्लेषकों के अनुसार इस संकट के मुख्य कारणों में बायोमेट्रिक ई-केवाईसी की अनिवार्यता और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को बढ़ावा देना शामिल है।

पोर्टल से गायब हुआ विकल्प और तकनीकी खामियां

ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म्स में सर्वर अपडेशन और तकनीकी बदलावों के कारण 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर का विकल्प नजर आना बंद हो गया है। इसके अलावा, तेल विपणन कंपनियों द्वारा बाजार में 5 किलो, 10 किलो या अन्य श्रेणियों के छोटे सिलेंडरों को बढ़ावा देने की नीतियों और प्रशासनिक सुस्ती ने पारंपरिक घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता को बुरी तरह प्रभावित किया है। समय पर रसोई गैस न मिलने के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का रसोई बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है, जिसके चलते लोगों को मजबूरी में इंडक्शन और हीटर जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का रुख करना पड़ रहा है।

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