Bihar MLC Election Voting Live Updates पटना : बिहार विधान परिषद की 8 सीटों (4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) के लिए जारी मतदान में वोटरों का मिला-जुला उत्साह देखने को मिल रहा है। दोपहर 12 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, औसत मतदान 21 फीसदी से ऊपर पहुंच चुका है। हालांकि, जहां एक ओर शिक्षक मतदाता पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें लगाकर जमकर वोट डाल रहे हैं, वहीं स्नातक (ग्रेजुएट) मतदाता अब भी अपने घरों से बाहर निकलने में सुस्ती दिखा रहे हैं।
शिक्षक आगे, ग्रेजुएट पीछे: जानिए पोलिंग का डेटा
दोपहर 12 बजे तक आए वोटिंग ट्रेंड्स के अनुसार:
शिक्षक कोटे की सीटें: कुल 30.18% मतदान दर्ज किया गया है।
स्नातक कोटे की सीटें: महज 12.88% औसतन वोटिंग हुई है।
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो तिरहुत क्षेत्र सबसे फिसड्डी साबित हुआ है, जहां शिक्षक और स्नातक दोनों ही सीटों पर सबसे कम मतदान दर्ज किया गया। वहीं, शिक्षक कोटे में सारण और स्नातक कोटे में कोसी सीट वोटिंग पर्सेंटेज के मामले में सबसे आगे चल रही हैं।
सीटवार मतदान प्रतिशत (दोपहर 12 बजे तक):
| निर्वाचन क्षेत्र | स्नातक सीट (Graduate) | शिक्षक सीट (Teacher) |
| तिरहुत | 5.44% | 10.64% |
| दरभंगा | 13.00% | 37.50% |
| पटना | 15.02% | 30.06% |
| कोसी / सारण | 17.94% (कोसी) | 42.55% (सारण) |
मुंगेर जिले में कोसी स्नातक क्षेत्र के लिए बनाए गए 12 बूथों पर धीमी रफ्तार से वोटिंग जारी है। जिले के कुल 8,463 वोटर (6,124 पुरुष, 2,338 महिला व 1 थर्ड जेंडर) अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं।
पटना स्नातक सबसे हॉट सीट, जन सुराज ने बढ़ाई हलचल
पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की इन 8 सीटों पर 5 लाख से अधिक मतदाता अगले 6 वर्षों के लिए अपने एमएलसी का चुनाव कर रहे हैं। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
राजनीतिक नजरिए से पटना स्नातक सीट सबसे हॉट बनी हुई है। यहां जेडीयू उम्मीदवार और निवर्तमान एमएलसी नीरज कुमार को कड़ी टक्कर मिल रही है। चर्चा का विषय यह है कि जेडीयू के ही बाहुबली विधायक अनंत सिंह खुलेआम जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में वोट मांगते नजर आए।
अन्य प्रमुख सीटों की बात करें तो:
स्नातक क्षेत्र: दरभंगा से सर्वेश कुमार (बीजेपी), तिरहुत से निर्दलीय वंशीधर ब्रजवासी और कोसी से एन.के. यादव (बीजेपी) मैदान में हैं।
शिक्षक क्षेत्र: पटना से नवल किशोर यादव (बीजेपी), दरभंगा से मदन मोहन झा (कांग्रेस), तिरहुत से संजय सिंह (सीपीआई) और सारण से अफाक अहमद (जन सुराज) किस्मत आजमा रहे हैं।
कैसे होता है MLC चुनाव? समझें ‘वरीयता मत’ और गिनती का गणित
विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव आम चुनावों से अलग होता है। इसमें मतदाता एक से अधिक उम्मीदवारों को अपनी वरीयता (Preference) के आधार पर वोट देते हैं।
यदि चुनाव में 5 प्रत्याशी हैं, तो वोटर 1st, 2nd, 3rd, 4th और 5th प्रेफरेंस चुन सकता है।
जीत का फार्मूला: जीत के लिए किसी उम्मीदवार को कुल पड़े वैध वोटों का 50% + 1 वोट (कोटा) हासिल करना अनिवार्य होता है।
यदि पहली वरीयता की गिनती में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो ‘एलिमिनेशन राउंड’ शुरू होता है। सबसे कम वोट पाने वाले प्रत्याशी को बाहर कर उसके बैलेट पेपर की दूसरी वरीयता वाले वोट बाकी प्रत्याशियों में ट्रांसफर किए जाते हैं। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कोई उम्मीदवार तय कोटा हासिल न कर ले।
सभी 8 सीटों के नतीजे 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे।

