अमित शाह बोले- जवानों के बलिदान से आगे बढ़ रहा देश, उनकी कुर्बानी को किया नमन

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस के पावन अवसर पर देश की रक्षा और सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सभी पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज विश्व पटल पर भारत जिस सम्मानजनक स्थान और मुकाम पर खड़ा है, उसके पीछे हमारे अमर बलिदानी जवानों की अतुलनीय कुर्बानी है। यदि इन शूरवीरों ने देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए अपने जीवन का त्याग न किया होता, तो आज भारत किस स्थिति में होता, इसकी कल्पना करना भी असंभव है।

आजादी से लेकर अब तक के अमर बलिदानियों का स्मरण

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज पूरा देश उन सभी पराक्रमी पुलिसकर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है, जिन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने आजादी के दौर से लेकर वर्तमान समय तक देश की रक्षा में शहीद हुए जवानों को नमन करते हुए कहा कि विपरीत से विपरीत परिस्थितियों और कठिन से कठिन चुनौतियों के बीच भी हमारे जवानों ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। देश उनके इस अदम्य साहस और सर्वस्व न्योछावर करने की भावना को सदैव स्मरण रखेगा।

देश की प्रगति में सुरक्षा बलों के त्याग की अहम भूमिका

गृह मंत्री ने रेखांकित किया कि स्वतंत्रता के पश्चात भारत ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है और आज वैश्विक मंचों पर देश को एक सशक्त पहचान और सम्मान प्राप्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक कामयाबी की नीव में उन वीर जवानों का रक्त और पसीना शामिल है, जिन्होंने देश के भीतर शांति, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का वातावरण निर्मित किया। गृह मंत्री के अनुसार, भारत की वर्तमान समृद्ध स्थिति और विकास की यात्रा को समझने के लिए उन शहीदों के त्याग को याद करना अनिवार्य है जिनके बूते देश निरंतर आगे बढ़ रहा है।

नक्सलवाद, आतंकवाद पर नकेल और नशामुक्त भारत का लक्ष्य

अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने सुरक्षा संबंधी आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में नक्सली हिंसा के कारण अब तक 13,700 से अधिक निर्दोष नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि सुरक्षा बलों के 3,600 जवान शहीद हुए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार के कड़े कदमों से अब जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर के राज्यों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियों पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने देश को 31 दिसंबर 2029 तक पूरी तरह से नशामुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को दोहराया और सभी पुलिस बलों से नशे के विरुद्ध इस निर्णायक लड़ाई में पूरी मुस्तैदी से जुटने का आह्वान किया।

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