बच्चियों के साथ मारपीट और कपड़े उतरवाने का आरोप, कन्या भोज का मामला चर्चा में

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से कन्या भोज के बहाने मासूम बच्चियों के साथ बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज बदसलूकी का मामला सामने आया है। यहां एक सेवानिवृत्त शिक्षिका पर आरोप लगा है कि उन्होंने कन्या पूजन के लिए अपने घर बुलाई गईं बच्चियों को चोरी का आरोप लगाकर एक कमरे में कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा, उनके साथ मारपीट की और उनके कपड़े तक उतरवा लिए। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

कन्या भोज के बहाने घर बुलाकर दिया घटना को अंजाम

यह पूरा घटनाक्रम एमआर-9 चौराहे के पास स्थित शहनाई रेसीडेंसी का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षिका अनीता मेहता ने कन्या पूजन और भोज के उद्देश्य से अपने घर 9 छोटी बच्चियों को आमंत्रित किया था। शिक्षिका ने बच्चियों को स्वादिष्ट भोजन कराने के साथ-साथ उपहार और दक्षिणा देने का भी वादा किया था। हालांकि, जब मासूम बच्चियां उनके घर पहुंचीं, तो महिला ने अचानक उन पर कमरे में रखे रुपए चुराने का मनगढ़ंत आरोप लगा दिया। जब बच्चियों ने चोरी की बात से साफ इनकार किया, तो शिक्षिका का गुस्सा भड़क गया।

चार घंटे तक कमरे में रखा बंद, दी जान से मारने की धमकी

मासूमों पर लगे आरोपों के बाद आरोपी महिला ने सारी मानवीय सीमाएं लांघ दीं। आरोप है कि उन्होंने 7 बच्चियों को एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया और उनकी तलाशी लेने के नाम पर उनके कपड़े भी उतरवा लिए। परिजनों का कहना है कि बच्चियों को लगभग 4 घंटे तक भूखा-प्यासा कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। इतना ही नहीं, जब बच्चियों ने रोना और चिल्लाना शुरू किया, तो आरोपी शिक्षिका ने उन्हें डराते-धमकाते हुए कहा कि अगर वे चुप नहीं हुईं तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा और कभी घर वापस नहीं जाने दिया जाएगा।

परिजनों का हंगामा और पुलिस में मामला दर्ज

घटना की खबर मिलते ही जब बच्चियों के परिजन मौके पर पहुंचे, तो शहनाई रेसीडेंसी में हड़कंप मच गया और परिजनों ने आरोपी शिक्षिका के खिलाफ भारी विरोध जताया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने एमआईजी पुलिस थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई और केस दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी पूर्व शिक्षिका के खिलाफ बंधक बनाने, मारपीट करने और धमकाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। उल्लेखनीय है कि आरोपी महिला नया बसेरा क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में करीब 10 वर्षों तक शिक्षिका रही हैं और पीड़ित बच्चियां भी उसी बस्ती की निवासी हैं। हालांकि, आरोपी महिला ने अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। 

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