Rajnath Singh the Detective नई दिल्ली:मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच कांग्रेस ने बीजेपी पर अपना हमला तेज कर दिया है.कांग्रेस के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष पारदर्शी चुनाव के जरिए सत्ता परिवर्तन की बात कर रहा है और यही लोकतंत्र की बुनियाद है. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या बीजेपी चाहती है कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में भक्ति आंदोलन चलाए?
#WATCH | Delhi: Congress MP Pawan Khera says, “We are running a campaign ‘Vote Chor Gaddi Chhodd’. The entire country is saying this openly. We ourselves are reiterating our intent that we have to defeat this Govt and change this system. So, why did Rajnath Singh come forward? We ourselves are saying that we would change the regime…The intent of the Opposition is always to change the regime through elections…They are not habitual of democracy anymore…”
— ANI (@ANI) October 16, 2026
पवन खेड़ा ने 16 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि कांग्रेस का अभियान ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ है और पार्टी चुनाव के जरिए सरकार बदलने की मांग कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी विपक्ष की राजनीतिक मांगों को स्वीकार करने के बजाय उस पर सवाल उठा रही है. खेड़ा ने यह भी कहा कि जब बीजेपी को लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवालों का सामना करना पड़ता है, तो वह विरोध की आवाजों को देशविरोधी बताने लगती है.
कांग्रेस नेता के इन बयानों से साफ है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद अब बीजेपी और विपक्ष के बीच व्यापक राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है.
बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश-राजनाथ सिंह का आरोप
पवन खेड़ा का यह बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी संगठनों पर बांग्लादेश की घटनाओं से प्रेरित होकर भारत में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगाया था.
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन केवल चुनाव सुधारों तक सीमित नहीं हैं. उनके मुताबिक, विपक्ष युवाओं को राजनीतिक टकराव में इस्तेमाल कर रहा है और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है.उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा.
राजनाथ सिंह के इस बयान के बाद कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल करना और चुनाव के जरिए उसे सत्ता से हटाने की कोशिश करना है.कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता परिवर्तन की लोकतांत्रिक मांग को गलत तरीके से पेश कर रही है.
‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान के जरिए बीजेपी को हराने का दावा
पवन खेड़ा ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस सरकार को चुनाव के जरिए हराने और व्यवस्था में बदलाव लाने के अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटेगी.उन्होंने कहा कि पार्टी का ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान इसी राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा है.
खेड़ा के मुताबिक, विपक्ष का उद्देश्य किसी गैर-लोकतांत्रिक तरीके से सरकार गिराना नहीं, बल्कि पारदर्शी चुनाव के माध्यम से सत्ता परिवर्तन करना है. उन्होंने 1977 में हुए सत्ता परिवर्तन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में चुनाव के जरिए सरकारें बदलती रही हैं और यही लोकतंत्र की सामान्य प्रक्रिया है.
कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब विपक्ष सरकार बदलने की बात करता है, तो उसे अराजकता फैलाने की कोशिश बताया जाता है. उन्होंने सवाल किया कि अगर विपक्ष का मकसद चुनाव जीतकर सरकार बदलना नहीं है, तो फिर उसकी राजनीतिक भूमिका क्या रह जाएगी?
‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है?’ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी पर निशाना
पवन खेड़ा ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है?’ नाम दिया. इस दौरान उन्होंने बीजेपी सरकार पर प्रदर्शनकारियों और सरकार के आलोचकों को ‘देशविरोधी’, ‘दिमागी नक्सली’ और ‘लेफ्टिस्ट’ जैसे विशेषणों से निशाना बनाने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप सरकार की बेचैनी को दर्शाते हैं। खेड़ा ने दावा किया कि सरकार का राजनीतिक नैरेटिव कमजोर पड़ रहा है और जनता के सामने उसके दावों पर सवाल उठ रहे हैं.
अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है?
पवन खेड़ा जी ने जवाब दे दिया है। 💀🔥 https://t.co/njMBiAv0nJ
— Ritu Choudhary (@RituChoudhryINC) October 16, 2026
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि देश में लोकतंत्र, संविधान और संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल हैं. उनके मुताबिक, सरकार को आलोचना का जवाब आरोपों से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही से देना चाहिए.
हालांकि, सरकार और बीजेपी की ओर से विपक्ष के इन आरोपों को लेकर अलग रुख सामने आया है. राजनाथ सिंह ने कहा है कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है और लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
RSS और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भी कांग्रेस का हमला
पवन खेड़ा ने अपने बयान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के शासन में विश्वविद्यालयों, चुनाव आयोग और नौकरशाही जैसी संस्थाओं पर संघ की विचारधारा का प्रभाव बढ़ा है.
खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस व्यवस्था में बदलाव चाहती है और विपक्ष केवल सरकार की आलोचना करने तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं.
उनके मुताबिक, कांग्रेस का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जिसमें संवैधानिक संस्थाएं किसी राजनीतिक दल या संगठन के प्रभाव से मुक्त होकर काम करें. उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार से सवाल पूछने और उसे चुनाव के जरिए बदलने की अपनी भूमिका निभाता रहेगा.
ये आरोप कांग्रेस नेता की राजनीतिक राय और दावों पर आधारित हैं. संस्थाओं पर किसी संगठन के प्रभाव को लेकर उठाए गए सवालों का आकलन संबंधित तथ्यों और स्वतंत्र साक्ष्यों के आधार पर किया जाना चाहिए.
SIR विवाद ने बढ़ाई बीजेपी और विपक्ष के बीच तल्खी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी विवाद इस राजनीतिक टकराव का प्रमुख कारण है. विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है.
कांग्रेस के साथ CJP और छात्र संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किए हैं. इन संगठनों का कहना है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटाया जाना चाहिए.
वहीं, बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष चुनाव सुधारों के मुद्दे को राजनीतिक संघर्ष में बदल रहा है और सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है.
ऐसे में पवन खेड़ा और राजनाथ सिंह के बीच बयानबाजी केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि इस बड़े सवाल से भी जुड़ गई है कि चुनावी पारदर्शिता, विपक्ष के विरोध और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका के बीच संतुलन कैसे कायम किया जाए.

