लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी Rahul Gandhi ने कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन करते हुए कहा है कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना “कोई जुर्म नहीं है”. कांग्रेस MP का यह बयान CJP के को-कन्वीनर सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के लिए पांच दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजे जाने के बाद आया है.
पूरे भारत में सभी विरोध प्रदर्शन एक ही मकसद से एकजुट हैं- Rahul Gandhi
X से बात करते हुए गांधी ने कहा कि “जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध में तिरंगा लहराना कोई जुर्म नहीं है. इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता है.”
लोकसभा में नेता विपक्ष ने कहा कि पूरे भारत में सभी विरोध प्रदर्शन एक ही मकसद से एकजुट हैं.
उन्होंने लिखा, “स्टूडेंट्स, युवा, पत्रकार, इंडिया ब्लॉक, अलग-अलग बैनर, एक मकसद। सभी विरोध एक हैं: नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं. जंतर-मंतर भारत के लोगों का है. हम इसे वापस लेंगे. ”
Waving the Tricolour at Jantar Mantar in a peaceful protest is not a crime. Jailing youth for it is an act of cowardice. Students. Youth. Journalists. The INDIA bloc. Different banners, one cause. All protests are one: citizens demanding their constitutional rights. Jantar Mantar belongs to the people of India. We will reclaim it.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 14, 2026
CJP नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार सुबह हिरासत में लिया गया, जब वे 12 अन्य CJP नेताओं के साथ चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन के तहत तिरंगा लहराने के लिए जंतर-मंतर पर घुस गए.
जंतर-मंतर पर CJP का यह कदम दिल्ली पुलिस के एक सर्कुलर के एक दिन बाद आया, जिसमें लुटियंस दिल्ली साइट को तय विरोध स्थल के तौर पर डी-नोटिफाई किया गया था.
दास, रांका और CJP के नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज अजिंक्य शिंदे को बुधवार सुबह मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
इस बीच, शिंदे को पर्सनल बॉन्ड पर साइन करने के बाद छोड़ दिया गया.
सीजीपी ने लगाए पुलिस पर आरोप
दास, रांका और अन्य CJP नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद, ग्रुप की लीगल हेड रत्ना सिंह ने दावा किया कि उनके फोन ले लिए गए हैं और उन्हें अपने लीगल प्रतिनिधि से मिलने नहीं दिया जा रहा है.
X से बात करते हुए सिंह ने यह भी कहा कि दास और रांका को “देर रात तक” अपने वकीलों से मिलने की इजाज़त नहीं दी गई, और उन्हें सुबह 3 बजे एक प्राइवेट वैन में पार्लियामेंट स्ट्रीट PS लाया गया.
ये भी पढ़ें- जंतर-मंतर पर ‘अनधिकार प्रवेश’ के लिए CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

