पीयूष गोयल का चीन को संदेश, बोले- निष्पक्षता और भू-राजनीतिक स्थिरता के साथ ही व्यापार संभव

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने चीन के साथ रणनीतिक व व्यापारिक जुड़ाव को पुनः शुरू करने के सकारात्मक संकेत दिए हैं। ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम में आयोजित एक सत्र के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के लिए दुनिया के सभी राष्ट्रों के साथ व्यापार करने के दरवाजे हमेशा खुले हैं, बशर्ते व्यापार की शर्तें निष्पक्ष हों और भू-राजनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह स्थिर रहें।

आपूर्ति शृंखला और चीन-भारत संबंध

आपूर्ति शृंखला की मजबूती और प्रौद्योगिकी साझेदारी विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और चीन के बीच संबंधों को बेहतर दिशा देने पर काम चल रहा है, हालांकि इस प्रक्रिया का अंतिम चरण अभी तय होना बाकी है।

भारत और अमेरिका की मजबूत साझेदारी

केंद्रीय मंत्री ने भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को बेहद प्रगाढ़ और रणनीतिक करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की यह साझेदारी केवल साधारण व्यापार तक सीमित न होकर रक्षा, उन्नत तकनीक, महत्वपूर्ण खनिजों के खनन और जन-जन के आपसी जुड़ाव तक फैली हुई है।

क्या अमेरिका-भारत संबंध आगे और मजबूत होंगे?

पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देशों के आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा हित इन संबंधों को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। राजनीतिक परिदृश्य बदलने के बावजूद यह साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

देश स्वयं की तकनीक और आपूर्ति शृंखला क्यों विकसित कर रहे हैं?

तकनीकी आत्मनिर्भरता पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में विभिन्न देश अपनी तकनीक और उपकरण आपूर्ति शृंखला को स्वयं विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में विश्वसनीय साझेदार देशों के बीच परस्पर सहयोग अनिवार्य हो जाता है। कुछ देशों में केंद्रित क्षमताओं की नकल करना आसान नहीं है, इसलिए वैश्विक आपूर्ति शृंखला को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए देशों को मिलकर कार्य करना होगा।

आत्मनिर्भरता, वैश्विक सहयोग और नए वैश्विक साझेदार

मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत दुनिया से अलग-थलग नहीं रहना चाहता, बल्कि महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और दक्षता के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करना चाहता है। यह लक्ष्य मजबूत और भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से ही हासिल किया जाएगा।

इसी वैश्विक मंच पर:

  • सिंगापुर: सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री गण किम योंग ने कहा कि सिंगापुर भारत के साथ मिलकर सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत करने पर काम कर रहा है।

  • कनाडा: कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनविंदर सिद्धू ने जानकारी दी कि कनाडा भारत के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है और कनाडा के ऊर्जा संसाधन भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायक हो सकते हैं।

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