नई दिल्ली। इंडिया गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक निकाले जाने वाले मार्च से पहले इंदिरा भवन में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मोदी सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने का सीधा आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि सरकार ऐसा करके बहुत बड़ी भूल कर रही है। राहुल गांधी ने इस पूरे संघर्ष को जनता बनाम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार की सीधी लड़ाई करार दिया है।
दिल्ली में भारी पुलिस बल की तैनाती और प्रतिबंध
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने आ रहे लोगों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोक रही है। उन्होंने दावा किया कि पूरी राष्ट्रीय राजधानी को छावनी और एक बड़े किले में तब्दील कर दिया गया है, जहाँ हर कोने पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। उनके अनुसार, दिल्ली में 20 से 30 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली पुलिस के लगभग 50 प्रतिशत कर्मी उनके रुख से सहमत हैं और मानते हैं कि वे जो कह रहे हैं, वह सही है।
पुलिस कर्मियों की नाराजगी और वोट चोरी का आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि पुलिस और प्रशासनिक महकमे के भीतर भी सरकार की नीतियों के खिलाफ असंतोष पनप रहा है। उनके मुताबिक, पुलिसकर्मी खुद यह सवाल उठा रहे हैं कि युवाओं को उनके सामने क्यों पिटवाया जा रहा है, क्योंकि वे आम नागरिकों या बच्चों के साथ किसी भी तरह की बदसलूकी नहीं करना चाहते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोग युवाओं पर अत्याचार कर रहे हैं। राहुल ने जोर देकर कहा कि सरकार वोट चोरी के खिलाफ उठने वाली आवाज़ों और इस आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है।
जंतर-मंतर पर रोक और मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा
राहुल गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी शिकायत की कि सरकार ने उनके विरोध प्रदर्शन के लिए किसी भी तय स्थान की अनुमति नहीं दी और प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक जाने से रोका जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।

