Delhi Liquor Shops Closed नई दिल्ली: दिल्ली में लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली सरकार ने 9 और 10 अक्टूबर 2026 को शराब की दुकानें बंद रखने का फैसला किया है. दिल्ली सरकार के एक्साइज विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किया. विभाग ने इस फैसले के पीछे राजधानी की मौजूदा स्थिति और दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट का हवाला दिया गया है.
Delhi | In view of the prevailing situation and inputs received from Delhi Police, as a preventive measure aimed at maintaining public order, it is hereby ordered that all retail liquor vends with licenses in Form L6, L6& L6FG, L8, L10 and L8 & L14 operating in Delhi will be completely closed on 09.10.2026 and 10.10.2026.
— ANI (@ANI) October 8, 2026
सरकार के मुताबिक, शराब की दुकानों को दो दिन बंद रखने का फैसला सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया है. हालांकि, आदेश में किसी खास प्रदर्शन या संगठन का नाम लेकर यह नहीं कहा गया है कि उसी वजह से शराब की दुकानें बंद की जा रही हैं.
Delhi Liquor Shops Closed:किन शराब दुकानों पर लागू होगा आदेश?
दिल्ली के एक्साइज विभाग के आदेश के अनुसार, L6, L6FG, L8, L10, L14 और L8 & L14 लाइसेंस के तहत संचालित सभी खुदरा शराब की दुकानें 9 और 10 अक्टूबर को बंद रहेंगी.
यानी इन लाइसेंस श्रेणियों के अंतर्गत आने वाली खुदरा शराब दुकानों को दो दिनों तक बिक्री बंद रखनी होगी.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है. इसके लिए दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट को भी आधार बनाया गया है.
प्रदर्शन के बीच क्यों बढ़ाई गई सतर्कता?
शराब की दुकानों को बंद रखने का फैसला ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में पिछले तीन दिनों से विपक्षी दलों का प्रदर्शन जारी है. INDIA ब्लॉक के नेता और सांसद चुनाव आयोग तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
विपक्षी दलों की ओर से SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में कथित तौर पर ‘वोट चोरी’ हो रही है और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं.
6 अक्टूबर से जारी है विपक्ष का प्रदर्शन
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 6 अक्टूबर से हुई. उस दिन राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर बढ़ने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था.
इसके बाद विपक्षी सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर करीब आठ घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया.
7 अक्टूबर को भी विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन जारी रखा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की थी. इस दौरान पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.
राजघाट पहुंचा विपक्ष, शुक्रवार को भी प्रदर्शन की तैयारी
गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लंच के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी सांसद राजघाट पहुंचे. विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि पर प्रदर्शन और प्रार्थना की. इसके बाद सभी नेता वहां से वापस लौट गए.
विपक्ष की ओर से शुक्रवार को भी प्रदर्शन जारी रखने की बात कही गई है. ऐसे में 9 अक्टूबर को भी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है.
इसी बीच शराब की दुकानों को बंद रखने के एक्साइज विभाग के फैसले को राजधानी की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति के संदर्भ में देखा जा रहा है.
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि एक्साइज विभाग के आदेश में विपक्ष के प्रदर्शन को शराब की दुकानें बंद करने की सीधी वजह नहीं बताया गया है. आदेश में दिल्ली की मौजूदा स्थिति और दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट का ही उल्लेख किया गया है.
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान
इस बीच 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एक और प्रदर्शन का आह्वान किया गया है. यह आह्वान कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP की ओर से किए जाने की बात सामने आई है.
हालांकि दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर पर किसी भी प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है.
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अनधिकृत सभा या प्रदर्शन में शामिल होने से बचें.
पुलिस के मुताबिक, राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
दिल्ली में 20 हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात
प्रस्तावित प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, राजधानी में 20 हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं.
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए हैं. पुलिस की ओर से भीड़ की गतिविधियों और संभावित प्रदर्शनों पर नजर रखी जा रही है.
दिल्ली पुलिस का फोकस खास तौर पर उन इलाकों पर है, जहां प्रदर्शनकारियों के जुटने की संभावना है. बैरिकेडिंग, अतिरिक्त जवानों की तैनाती और निगरानी के जरिए स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है.
शराब बंदी और सुरक्षा व्यवस्था का क्या संबंध?
दो दिनों के लिए शराब की दुकानों को बंद रखने का फैसला राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था के बीच आया है. इसलिए इसे प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है.
हालांकि, आधिकारिक तौर पर एक्साइज विभाग ने किसी एक प्रदर्शन को इस फैसले का कारण नहीं बताया है. विभाग ने केवल दिल्ली की मौजूदा स्थिति और पुलिस से मिले इनपुट को आधार बनाया है.
अब दिल्ली में अगले दो दिन अहम
एक तरफ 9 अक्टूबर को विपक्षी INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन की संभावनाएं बनी हुई हैं, वहीं 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CJP की ओर से प्रदर्शन का आह्वान किया गया है. दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर किसी प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है.

