नई दिल्ली| देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख नेताओं तथा विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्यों समेत 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
प्रदर्शन के मुख्य कारण और प्रमुख संगठन
आम आदमी पार्टी के साथ-साथ ऑल India स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) समेत कई अन्य छात्र संगठनों के सदस्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के विरोध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर किसी भी प्रकार के अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए पहले ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी और भारी मात्रा में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हुई गिरफ्तारियाँ
दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को नॉर्थ एवेन्यू के पास ही रोक दिया, जिससे वे प्रदर्शन स्थल तक नहीं पहुँच सके। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी कि पूरी तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें और संजीव झा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन्होंने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे इस लोकतांत्रिक आंदोलन को जारी रखें और जंतर-मंतर पर पहुँचने का प्रयास करें।
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे एसएफआई के लगभग 700 कार्यकर्ताओं को अशोक रोड गोलचक्कर के पास रोक लिया गया और उनमें से कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में एहतियातन इंटरनेट सेवाओं को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया।
विपक्ष और छात्र संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया
एसएफआई की महासचिव आइशी घोष ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस राजधानी में आम जनता से जुड़े अपराधों को रोकने में तो विफल रहती है, लेकिन जब किसी विशिष्ट अधिकारी की सुरक्षा की बात आती है, तो वह पूरी मुस्तैदी से सड़कों पर उतर आती है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को लगता है कि लोगों को हिरासत में लेकर इस आंदोलन को दबाया जा सकता है, तो यह उनकी भूल है।
इसी प्रकार एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और कई अन्य कार्यकर्ताओं को संगठन के कार्यालय से जंतर-मंतर की तरफ मार्च निकालते वक्त हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि जनता के वोटों की आवाज को किसी भी ताकत से दबाया नहीं जा सकता और लोकतंत्र की बहाली के लिए उनका यह संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से लगातार जारी रहेगा।
मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि जब जंतर-मंतर देश में विरोध प्रदर्शन के लिए एक निर्धारित स्थल है, तो वहाँ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए अलग से अनुमति लेने की क्या आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा असुविधा पैदा करने के लिए दिल्ली मेट्रो के राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और जंतर-मंतर के आसपास के क्षेत्रों समेत कुल 12 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इलाके में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी सभा या भीड़ को इकट्ठा होने से रोकने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

