Delhi Internet shutdown : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच शुक्रवार, 2 अक्टूबर को लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई. जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं, छात्र संगठनों और अन्य प्रदर्शनकारियों के जुटने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरु कर दिया है.
Delhi Internet shutdown :लुटियंस जोन में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद
प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर के आसपास करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक बंद किए जाने की खबर है. वहीं, दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए हैं. जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल, बैरिकेडिंग और निगरानी के इंतजाम किए गए हैं.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पार्टी के अन्य नेताओं सहित 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाकर बसों के जरिए दूसरी जगह पहुंचाया.
STORY | Delhi Police detains over 700 protesters gathering near Jantar Mantar to demand CEC’s ouster
Delhi Police detained more than 700 people, including AAP leaders and members of various student organisations, at Jantar Mantar and in surrounding areas on Friday, during a… pic.twitter.com/EXcpQAdWkq
— Press Trust of India (@PTI_News) October 2, 2026
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई। रिपोर्टों के अनुसार, यह पाबंदी प्रदर्शन स्थल के 1.5 किलोमीटर के दायरे में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक लागू की गई.
‘Internet services have been temporarily stopped in your area’: Airtel users in Central Delhi get notification
As per government directives, telecom companies have stopped internet services in many areas of Central Delhi.
Live updates: https://t.co/igQMrKj5Y9 pic.twitter.com/FDPtSolmFg
— The Wire (@thewire_in) October 2, 2026
इंटरनेट बंद किए जाने का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करना बताया गया है। हालांकि, इस तरह की पाबंदी से आम लोगों के रोजमर्रा के कामकाज और डिजिटल सेवाओं पर भी असर पड़ता है।
इंटरनेट सेवा बंद होने की खबर ऐसे समय आई, जब प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर जुटने का आह्वान किया था।
सौरभ भारद्वाज, आतिशी और संजय सिंह हिरासत में
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए नेताओं में दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, आतिशी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नाम शामिल हैं. पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने रोका.
प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी. इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारी आसपास के रास्तों से प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश करते दिखाई दिए. पुलिस ने उन्हें हटाया और कई लोगों को बसों में बैठाकर वहां से ले गई.
प्रदर्शनकारियों की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही तय करने की है. विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कई मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं.
ये आरोप प्रदर्शनकारियों और विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे हैं. चुनाव आयोग की प्रक्रिया और संबंधित दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड तथा आयोग का पक्ष महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. इसके तहत प्रशासन की अनुमति के बिना निर्धारित क्षेत्र में लोगों के जमावड़े और जुलूस जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है.
पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही है.अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं.
प्रदर्शन स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है. पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से प्रतिबंधों का पालन करने की अपील भी की गई.
इस कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मांगें उठाईं, जबकि पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की.
दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 11 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिए. इस फैसले से मध्य दिल्ली में मेट्रो से यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
प्रभावित स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं.
राजीव चौक और मंडी हाउस जैसे प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों को एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन में जाने की सुविधा जारी रखने की जानकारी दी गई है.
मेट्रो के प्रवेश-निकास बंद होने से कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास आने-जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ सकती है। यात्रियों को सलाह है कि वे सफर से पहले DMRC की ताजा सूचना जांच लें.
ड्रोन से निगरानी, सुरक्षा बल अलर्ट
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है. पुलिस बल के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती और दंगा-रोधी वाहनों की मौजूदगी की सूचना है. भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी भी की जा रही है.
प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो और मध्य दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनी रहे. इसके लिए प्रमुख सड़कों और प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी जंतर-मंतर, संसद मार्ग, अशोक रोड और आसपास के कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताते हुए लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
SIR को लेकर विपक्ष का विरोध, चुनाव आयोग पर सवाल
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का केंद्र मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है. विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि मतदाता सूची में नामों को हटाने या संशोधित करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए.
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है. उनका आरोप है कि SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए.
दूसरी ओर, मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी रिकॉर्ड को अद्यतन करने की प्रक्रिया है. इस प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का आकलन संबंधित आधिकारिक आंकड़ों, दावों और शिकायतों के निस्तारण के आधार पर किया जाना चाहिए.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने,नेताओं की हिरासत, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद किए जाने से यह मुद्दा अब केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा,बल्कि सार्वजनिक प्रदर्शन, प्रशासनिक प्रतिबंध और आम नागरिकों की आवाजाही से भी जुड़ गया है.
फिलहाल, मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। मोबाइल इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं से संबंधित पाबंदियों में बदलाव के लिए प्रशासन तथा DMRC की अगली सूचना पर नजर रखना जरूरी है.

