Punjab University Uproar: पंजाब की दो प्रमुख निजी यूनिवर्सिटी—चिटकारा यूनिवर्सिटी और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU)—में महज 24 घंटे के अंतराल पर हुए हिंसक प्रदर्शनों ने कैंपस की सुरक्षा और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.दोनों जगह छात्राओं के लापता होने, हॉस्टल में संदिग्ध घटनाओं और यौन उत्पीड़न जैसी चर्चाओं के बाद छात्र सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया.
चिटकारा यूनिवर्सिटी में हॉस्टल से चीखें सुनाई देने और दो छात्राओं के लापता होने की अफवाहों के बाद हंगामा हुआ. वहीं, LPU में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की खबर फैलने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन किया.दोनों मामलों में सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर प्रसारित अपुष्ट दावों ने माहौल को प्रभावित किया.हालांकि, दोनों घटनाओं को जोड़ने वाले किसी ठोस सबूत की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है. पंजाब पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच करने के साथ इनके बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही है.
Punjab University Uproar:चिटकारा यूनिवर्सिटी में कैसे शुरू हुआ हंगामा?
पंजाब के राजपुरा स्थित चिटकारा यूनिवर्सिटी में 25 सितंबर 2026 की रात छात्रों के बीच हॉस्टल को लेकर कई तरह की चर्चाएं फैलने लगीं. वॉट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि गर्ल्स हॉस्टल से चीखने की आवाजें आ रही हैं और दो छात्राएं लापता हैं. कुछ पोस्ट में हॉस्टल के एक कमरे को कथित तौर पर भूतिया बताया गया.
इन दावों को 2019 में एक पूर्व छात्र की कथित आत्महत्या से जोड़कर भी पेश किया गया. सोशल मीडिया पर पैरानॉर्मल एक्टिविटी का दावा करने वाला वीडियो भी प्रसारित हुआ. हालांकि, इन चर्चाओं की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया.
पंजाब पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, कुछ छात्रों ने स्पीकर के जरिए डरावनी आवाजें बजाई थीं. इसके बाद हॉस्टल में कथित असामान्य गतिविधियों की चर्चा फैल गई. वार्डन ने कमरों की जांच की, लेकिन लापता छात्राओं या किसी संदिग्ध घटना की पुष्टि नहीं हुई.
एंबुलेंस और ‘पंडित जी’ की चर्चा से बढ़ा संदेह
अफवाहों के बीच छात्रों ने दावा किया कि 24 सितंबर की सुबह हॉस्टल में एंबुलेंस आई थी. कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा गया कि एक पंडित हॉस्टल पहुंचे थे. इन घटनाओं को पिछले साल हुई एक छात्रा की मौत और आत्महत्या से जोड़कर देखा जाने लगा.
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि एंबुलेंस एक छात्रा को अस्पताल से वापस लाने आई थी. वहीं, जिसे सोशल मीडिया पर पंडित बताया जा रहा था, वह कथित तौर पर एक छात्रा के पिता थे.
25 सितंबर की देर रात बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जमा हो गए और यूनिवर्सिटी प्रशासन से जवाब मांगने लगे.विरोध के दौरान पुलिस की दो गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया. पुलिस के मुताबिक, जिन छात्रों ने दो लड़कियों के लापता होने की बात कही, वे लोग उन लड़कियों के नाम, फोटो या रोल नंबर जैसी जानकारी नहीं दे सके.
चिटकारा यूनिवर्सिटी में पुलिस ने अफवाहों की जांच शुरू की. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, उस समय छात्रों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था.
LPU में कैसे भड़की हिंसा? रेप और सुसाइड की खबर से मचा बवाल
चिटकारा यूनिवर्सिटी में हुए हंगामे के अगले दिन, 26 सितंबर की रात लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कैंपस में भी तनाव बढ़ने लगा. सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि गर्ल्स हॉस्टल के G3 ब्लॉक के कमरा नंबर 504 में एक छात्रा के साथ बाहरी व्यक्ति ने दुष्कर्म किया और बाद में उसने आत्मह’त्या कर ली.
कुछ पोस्ट में आरोप लगाया गया कि छात्रा ने वार्डन को घटना की जानकारी दी थी, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की. इन दावों के बाद छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कैंपस में नाराजगी बढ़ गई.
हालांकि, यूनिवर्सिटी ने दुष्कर्म और आत्महत्या से जुड़ी खबरों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया. प्रशासन ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें संबंधित कमरे में रहने वाली छात्राओं ने किसी ऐसी घटना से इनकार किया. पुलिस ने भी शुरुआती स्तर पर कहा था कि उसे कथित अपराध की जानकारी प्रदर्शन के दौरान मिली.
यहां ध्यान देने वाली बात है कि किसी आरोप पर FIR दर्ज होना उसकी पुष्टि नहीं है. मामले की वास्तविकता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी.
कैंपस में तोड़फोड़, आगजनी और NH-44 जाम
27 सितंबर को दोपहर के आसपास LPU में छात्रों की भीड़ बढ़ने लगी. प्रदर्शन गर्ल्स हॉस्टल के पास शुरू हुआ और बाद में कैंपस के दूसरे हिस्सों तक फैल गया.छात्रों ने इमारतों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया. कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाएं भी हुईं.
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) को जाम कर दिया. कैंपस में रखे पुराने MiG-23 विमान और टैंक पर भी कुछ छात्र चढ़ गए. हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की.
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की खबरें सामने आईं. कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और कुछ वाहनों में आग लगा दी गई. पुलिस की कार्रवाई और हाईवे पर हंगामे के कारण इलाके में तनाव बना रहा.
LPU में 10 दिन तक क्लास बंद, मिड-टर्म परीक्षा भी स्थगित
हिंसक प्रदर्शन के बाद LPU प्रशासन ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित करने का फैसला लिया. विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं.
इस फैसले का असर हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा कार्यक्रम पर पड़ सकता है. विश्वविद्यालय ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट संदेशों पर भरोसा न करें और आधिकारिक सूचनाओं को ही प्राथमिकता दें.कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के बीच छात्रों को घर जाने की अनुमति भी दी गई.
पुलिस ने दर्ज की FIR, SIT करेगी जांच
LPU में कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है. मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है. इसमें पुलिस अधिकारियों के साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है.
जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला के मुताबिक, छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं और मामले की विस्तृत जांच की जाएगी. पुलिस हॉस्टल के CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है.
दोनों यूनिवर्सिटी की घटनाओं में क्या है समानता?
चिटकारा यूनिवर्सिटी और LPU में हुए घटनाक्रम में कुछ समानताएं साफ दिखाई देती हैं. दोनों जगह सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर फैली अपुष्ट खबरों के बाद छात्रों की बड़ी भीड़ जमा हुई. दोनों मामलों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर दावे किए गए और प्रशासन से जवाब मांगा गया.
दोनों परिसरों में विरोध के दौरान सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा. हालांकि, घटनाओं की शुरुआत और उनके पीछे के कारणों को लेकर जांच अभी जारी है.
पहलू | चिटकारा यूनिवर्सिटी | LPU |
|---|---|---|
अफवाह का विषय | दो छात्राओं के लापता होने, चीखों और कथित मौत की चर्चा | छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या का दावा |
प्रदर्शन | 25 सितंबर की रात | 26-27 सितंबर की रात और 27 सितंबर को |
हिंसा | पुलिस वाहनों और कैंपस संपत्ति को नुकसान | तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम |
प्रशासनिक कदम | अफवाहों की जांच और छात्रों से अपील | 10 दिन के लिए कक्षाएं स्थगित, परीक्षा टली |
जांच की स्थिति | अफवाहों के स्रोत की पड़ताल | FIR दर्ज, SIT गठित |
सोशल मीडिया अफवाहों ने खड़े किए बड़े सवाल
पंजाब की इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर दिखाया है कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के प्रसारित संदेश किस तरह तेजी से लोगों के बीच डर और गुस्सा पैदा कर सकते हैं. हॉस्टल में कथित घटना की जानकारी, छात्राओं की सुरक्षा और प्रशासन की जवाबदेही जैसे गंभीर विषयों पर पारदर्शी सूचना जरूरी है. वहीं, अपुष्ट दावों को तथ्य मानकर साझा करना स्थिति को और बिगाड़ सकता है.

