जमुई छेड़छाड़ कांड पर भड़के राहुल गांधी ,बोले- ‘यह संस्कृति नहीं, पितृसत्ता है..

Jamui Viral Video नई दिल्ली/जमुई :  बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा के छात्र और छात्रा के साथ सड़क पर हुई बदसलूकी और छात्रा से छेड़छाड़ का वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में गुस्सा भड़क रहा है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है. पुलिस के मुताबिक अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

Jamui Viral Video :राहुल गांधी ने बिहार सरकार से पूछा सवाल

इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार सरकार पर सवाल उठाए हैं. राहुल गांधी ने सोमवार, 21 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि जमुई का वीडियो बेहद बेचैन करने वाला है.

राहुल गांधी ने कहा कि 10वीं कक्षा के छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरन रोका गया. उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी और अभद्रता की गई. राहुल ने कहा कि वीडियो में छात्रा हाथ जोड़कर खुद को छोड़ने की अपील करती नजर आती है, इसके बावजूद उसके साथ गलत तरीके से व्यवहार किया गया.

उन्होंने इस घटना को लेकर बिहार सरकार से जवाब मांगते हुए पूछा कि अगर घटना 19 सितंबर की है तो आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई और वे जेल में क्यों नहीं हैं ?

राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि शाम के समय बिहार की सड़कों पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की क्या जिम्मेदारी है.

‘यह संस्कृति नहीं, पितृसत्ता है’

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में बिना सीधे किसी राजनीतिक दल का नाम लिए प्रदेश सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों पर नियंत्रण को संस्कृति मानना गलत है। राहुल ने इसे ‘पितृसत्ता’ से जोड़ते हुए कहा कि जब ऐसी सोच को सामान्य मान लिया जाता है तो भीड़ खुद को कानून समझने लगती है।

राहुल गांधी ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने और आरोपियों के खिलाफ POCSO समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है.

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा है  कि – “बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है। 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया. उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया.

बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे. इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह “संस्कृति” नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है.

जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर ‘अंधभक्त’ ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है. उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए.

और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?

और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?”

क्या है जमुई का पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना 19 सितंबर की शाम की बताई जा रही है। 10वीं कक्षा के छात्र और छात्रा कोचिंग के बाद दोपहिया वाहन से लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उन्हें कथित तौर पर रास्ते में रोक लिया। वायरल वीडियो में कुछ लोगों को दोनों के साथ बदसलूकी करते देखा जा सकता है। छात्रा के साथ अनुचित तरीके से छूने और खींचतान किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।

वीडियो सामने आने के बाद जमुई पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और पीड़ित छात्र-छात्रा से बात कर प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

घटना के बाद सियासत तेज

जमुई की इस घटना को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. विपक्षी दल कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार से सवाल कर रहे हैं. वहीं पुलिस की ओर से मामले में कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है.

फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे सभी लोग कौन हैं और घटना में उनकी क्या भूमिका थी. मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है.

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