आकाश आनंद के समर्थक का मायावती को बड़ा झटका,धर्म सिंह गौतम ने दिया इस्तीफा

Dharm Singh Gautam resigns लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने के फैसले के बाद संगठन के भीतर नाराजगी के संकेत मिलने लगे हैं. मऊ जिले की मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा सीट से बसपा के पूर्व प्रत्याशी रहे धर्म सिंह गौतम ने गुरुवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे मायावती को भेजा है.

धर्म सिंह गौतम ने आकाश आनंद के साथ पार्टी में किए जा रहे व्यवहार को अपने इस्तीफे की प्रमुख वजह बताया है.उनका कहना है कि वह लंबे समय से बसपा के लिए काम करते रहे हैं,लेकिन पिछले कुछ समय से आकाश आनंद को लेकर पार्टी में जिस तरह के फैसले लिए गए, उससे वह आहत हैं.

Dharm Singh Gautam resigns :मायावती के फैसले से नाराजगी

धर्म सिंह गौतम के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के बाद से आकाश आनंद को कई बार पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाया गया और बाद में उन्हें वापस भी लिया गया,लेकिन गुरुवार को मायावती की ओर से उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने की घोषणा ने उन्हें बेहद निराश किया.

मीडिया से बातचीत में गौतम ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हैं. ऐसे समय में आकाश आनंद को लेकर लिया गया फैसला पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

उनका दावा है कि युवा पीढ़ी आकाश आनंद को अपने नेता के तौर पर देख रही थी. ऐसे में चुनाव से ठीक पहले उन्हें पार्टी से अलग करने के फैसले से युवाओं में नाराजगी पैदा हो सकती है और इसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव में बसपा के प्रदर्शन पर पड़ सकता है.

दूसरे बसपा पदाधिकारियों से पार्टी में बने रहने की अपील

दिलचस्प बात यह है कि खुद इस्तीफा देने के बावजूद धर्म सिंह गौतम ने बसपा के दूसरे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पार्टी में बने रहने की अपील की है.

गौतम ने बताया कि इस्तीफे की घोषणा के बाद उनके पास कई लोगों के फोन आए और उनसे बसपा छोड़ने या पार्टी में बने रहने को लेकर राय मांगी गई. उन्होंने ऐसे लोगों से संगठन में बने रहने और पार्टी के लिए काम करते रहने की अपील की.

इससे संकेत मिलता है कि आकाश आनंद को लेकर बसपा के भीतर अलग-अलग स्तर पर चर्चा और असंतोष की स्थिति बन रही है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गौतम के इस्तीफे के बाद पार्टी के अन्य नेता भी इसी तरह का कदम उठाते हैं या नहीं.

बूथ अध्यक्ष से मंडल प्रभारी तक संभाली जिम्मेदारी

धर्म सिंह गौतम लंबे समय से बसपा से जुड़े रहे हैं. उन्होंने संगठन में बूथ अध्यक्ष से लेकर सेक्टर अध्यक्ष और विधानसभा स्तर के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी संभाली है. इसके अलावा वह बसपा की भाईचारा कमेटी और मंडल प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं.

गौतम ने वर्ष 2022 में मऊ जिले की मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था. हालांकि उन्हें चुनाव में जीत नहीं मिल सकी थी. इसके बावजूद वह लंबे समय तक पार्टी संगठन में सक्रिय रहे.

यही वजह है कि उनके इस्तीफे को केवल एक स्थानीय नेता के पार्टी छोड़ने के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. खासकर ऐसे समय में जब बसपा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है.

मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से किया ‘मुक्त’

दरअसल, बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने की घोषणा की थी. यह फैसला बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ के राजनीति और सामाजिक जीवन से ‘संन्यास’ लेने के ऐलान के बाद सामने आया.

मायावती ने आकाश आनंद पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अशोक सिद्धार्थ की बुधवार की सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट नहीं किया. मायावती के मुताबिक, ऐसा नहीं किए जाने से यह सवाल उठता है कि सिद्धार्थ और आकाश का पार्टी और बहुजन आंदोलन से अधिक जुड़ाव है या फिर निजी और पारिवारिक हितों से.

मायावती ने कहा कि ऐसी स्थिति में आकाश आनंद के ‘डबल माइंड’ होने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है और ऐसे व्यक्ति के लिए बसपा तथा बहुजन आंदोलन का भला करना मुश्किल हो सकता है.

पहले भी आकाश आनंद को जिम्मेदारियों से किया गया था अलग

मायावती ने अपने बयान में याद दिलाया कि 3 सितंबर को आकाश आनंद को बसपा के राष्ट्रीय संयोजक पद समेत पार्टी की सभी अहम जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था.

अब मायावती ने कहा कि जिस तरह उन्हें संगठन की जिम्मेदारियों से अलग किया गया था, उसी तरह उन्हें पार्टी में भी पूरी तरह स्वतंत्र कर दिया जाए.

हालांकि, मायावती ने अपने बयान में यह स्पष्ट शब्दों में नहीं कहा कि आकाश आनंद को पार्टी से ‘निष्कासित’ किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर आकाश आनंद पार्टी में अब स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वह स्वतंत्र हैं. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है.

2027 चुनाव से पहले बसपा के सामने नई चुनौती

आकाश आनंद को लेकर मायावती का फैसला ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं. बसपा के लिए युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना और संगठन को चुनावी स्तर पर सक्रिय करना बड़ी चुनौती है.

धर्म सिंह गौतम का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि आकाश आनंद को लेकर पार्टी के भीतर सभी नेता एकमत नहीं हैं. हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इसका व्यापक असर बसपा के संगठन पर पड़ेगा या नहीं.

लेकिन अगर आने वाले दिनों में आकाश आनंद के समर्थन में और भी पार्टी नेता खुलकर सामने आते हैं, तो मायावती के इस फैसले को लेकर बसपा के भीतर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है. यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी नेतृत्व के सामने अब संगठन को एकजुट रखने की चुनौती भी महत्वपूर्ण हो गई है.

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