UP Heavy Rain लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर से सक्रिय है . प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिन से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है. बरेली और शाहजहांपुर में बारिश ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. बरेली में 24 घंटे के दौरान 381.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि शाहजहांपुर में 227 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है.
भारी बारिश के बीच प्रदेश के कई जिलों से जलभराव, मकान और दीवार गिरने की घटनाएं हुई हैं. कानपुर में कच्चा मकान ढहने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि बदायूं और बलिया में भी बारिश से जुड़े हादसों में दो लोगों की जान चली गई.
Extremely heavy rainfall in Bareilly of Uttar Pradesh, recorded staggering 316mm rainfall till 5am
Now, this becomes highest ever 1 day RF for Bareilly observatory in month of September
Previous record – 267.2mm on 17th Sept 2005 pic.twitter.com/bNdqNjUWaw
— Weatherman Shubham (@shubhamtorres09) September 7, 2026
UP Heavy Rain:बरेली में 381.1 MM बारिश ने बनाया नया रिकॉर्ड
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में बरेली में 381.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. यह मानसूनी सीजन के दौरान बरेली में अब तक दर्ज की गई सर्वाधिक बारिश बताई जा रही है.
लगातार और भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है . निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों को भी जल निकासी की व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कह रहे हैं.
Bareilly IMD in Uttar Pradesh recorded 134mm rainfall between 8:30am-5:30pm today pic.twitter.com/mW1nKFiJnt
— Weatherman Shubham (@shubhamtorres09) September 6, 2026
शाहजहांपुर में भी टूटा बारिश का रिकॉर्ड
शाहजहांपुर वेधशाला में भी 227 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार यह भी अब तक की सर्वाधिक बारिश है.
लगातार भारी बारिश से शाहजहांपुर और आसपास के इलाकों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और कमजोर निर्माण वाली संरचनाओं को लेकर भी खतरा बढ़ गया है.
पूरे यूपी में औसत से ज्यादा बारिश
अमौसी स्थित मौसम मुख्यालय के आंकड़ों के मुताबिक 7 सितंबर तक उत्तर प्रदेश में कुल 641 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है. प्रदेश में इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा करीब 645 मिलीमीटर है.
यानी मौजूदा मानसूनी सीजन में प्रदेश में कुल बारिश सामान्य औसत के लगभग बराबर पहुंच चुकी है. हालांकि, कई जिलों में बारिश का वितरण असमान रहा है और कुछ क्षेत्रों में बेहद कम समय में बहुत ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है.
MP-UP के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र बढ़ा रहा बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. यह मौसम प्रणाली अब उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश के मध्यवर्ती हिस्सों की तरफ आगे बढ़ रही है.
इसके साथ ही मानसूनी ट्रफ यानी द्रोणी की स्थिति में भी बदलाव हो रहा है. यह श्रीगंगानगर, नारनौल, निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, सीधी, डाल्टनगंज और बांकुड़ा होते हुए त्रिपुरा की ओर तक बनी हुई है.
मौसम प्रणाली की इस स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में नमी और मानसूनी हवाएं सक्रिय रहने की संभावना है. इससे आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है.
इस साल कई शहरों में बारिश के रिकॉर्ड टूटे
उत्तर प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान कई शहरों में बारिश के पुराने रिकॉर्ड टूटे हैं. प्रयागराज में अगस्त महीने में 631.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी.
यह आंकड़ा वर्ष 1948 में अगस्त में दर्ज किए गए 595 मिलीमीटर के पिछले रिकॉर्ड से अधिक था. उपलब्ध मौसम रिकॉर्ड के मुताबिक अगस्त में प्रयागराज में इससे पहले इतनी अधिक बारिश दर्ज नहीं हुई थी.
अगस्त में प्रयागराज में 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक 120 मिलीमीटर बारिश 19 अगस्त को दर्ज की गई थी.
बांदा में अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश
अगस्त महीने के दौरान प्रदेश में सर्वाधिक बारिश बांदा जिले में 646 मिलीमीटर दर्ज की गई. इस तरह अगस्त में बांदा राज्य में सर्वाधिक बारिश वाले जिलों में सबसे ऊपर रहा.
लगातार भारी बारिश ने प्रदेश में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात की आशंका को भी बढ़ाया है. कई ग्रामीण इलाकों में नदियों और नालों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है.
बारिश बनी काल: कानपुर में पिता और तीन बेटियों की मौत
भारी बारिश के बीच कानपुर से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में रविवार को कच्चा मकान ढहने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान मुकेश कुमार (45), उनकी बेटियों माया (17), नीतू (7) और पल्लवी (5) के रूप में हुई है. हादसे में मुकेश की एक बेटी काजल (20) गंभीर रूप से घायल हुई है. उसे कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस के अनुसार हादसा रविवार सुबह करीब 11 बजे बारिश के दौरान हुआ. मकान गिरने के बाद परिवार के लोग मलबे में दब गए. घर ढहने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है.
बदायूं में दीवार गिरने से किसान की मौत
बदायूं जिले में भी भारी बारिश के दौरान घर की दीवार गिरने से एक किसान की मौत हो गई. हादसे में उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई है.
बताया गया कि शनिवार रात हुई भारी बारिश के दौरान कमजोर दीवार अचानक गिर गई. मलबे में दबने से किसान की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया.
बलिया में मिट्टी की दीवार गिरने से बच्ची की मौत
बलिया जिले में भी बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं. चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के नफरेपुर गांव में रविवार सुबह मिट्टी की दीवार गिरने से छह साल की बच्ची की मौत हो गई.
बारिश के कारण मिट्टी की दीवार कमजोर हो गई थी. इसी दौरान दीवार गिरने से बच्ची मलबे में दब गई। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है.
अगले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना
उत्तर प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणाली को देखते हुए आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. खासतौर पर जहां लगातार बारिश हो रही है, वहां जलभराव, कमजोर मकानों के गिरने और स्थानीय बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. प्रशासन की ओर से लोगों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने और कमजोर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी जा सकती है. ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है.

