बिहार में खेत में पटवन के दौरान करंट से दंपती की मौत, दो साल पहले बेटे को भी खोया था

पटना पटना जिले के मसौढ़ी प्रखंड अंतर्गत भगवानगंज थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव में शुक्रवार को एक अत्यंत हृदयविदारक हादसे में पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान नरेंद्र कुमार (37 वर्ष) और उनकी पत्नी रुबी देवी (33 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों पति-पत्नी आजीविका के लिए फूलों की खेती करते थे और शुक्रवार को खेत में सिंचाई (पटवन) करने गए थे। इसी दौरान वे अचानक बिजली के करंट के संपर्क में आ गए, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी

दुर्घटना की सूचना मिलते ही भगवानगंज थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का मुआयना करने के बाद आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी कीं और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा खेत में करंट फैलने के कारणों और संबंधित परिस्थितियों की गहनता से जांच की जा रही है।

दो वर्ष पूर्व बेटे की डूबने से हुई थी मौत, नहीं मिल सका था मुआवजा

ग्रामीणों के अनुसार, इस पीड़ित परिवार पर पहले भी भीषण दुखों का पहाड़ टूट चुका है। करीब दो वर्ष पूर्व नरेंद्र कुमार और रुबी देवी के 14 वर्षीय पुत्र बिट्टू कुमार की भगवानगंज क्षेत्र स्थित मोरहर नदी डैम में स्नान के दौरान डूबने से असामयिक मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि उस हादसे के दो वर्ष बीत जाने के उपरांत भी परिवार को मिलने वाली सरकारी सहायता या मुआवजा राशि अब तक प्राप्त नहीं हो सकी थी।

माता-पिता के जाने के बाद अनाथ हुए दो बच्चे, ग्रामीणों ने लगाई मदद की गुहार

दंपती की असमय मौत के बाद परिवार में 12 और 14 वर्ष के दो मासूम बच्चे अकेले रह गए हैं। माता-पिता का साया छिन जाने के बाद इन अनाथ बच्चों की परवरिश, शिक्षा और भविष्य को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से संवेदनशीलता बरतते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा और बच्चों के पालन-पोषण के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराने की जोरदार मांग की है।

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