उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को एक बार फिर दोहराया कि मानसून के बाद राज्य की सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 15 सितंबर के बाद पूरे राज्य में सड़कों के मरम्मत और गड्ढा-मुक्ति का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाए. सरकार का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को जल्द से जल्द ठीक कर जनता को सुरक्षित और सुगम यातायात की सुविधा देना है.
Dehradun, Uttarakhand: Chief Minister Pushkar Singh Dhami says, “Until September 15, we have the monsoon season here. After that, the rainfall decreases, so we have directed all departments, any other department working in the road sector, to repair the roads everywhere…” pic.twitter.com/DrNSLViag1
— IANS (@ians_india) August 26, 2026
टेंडर प्रक्रिया पहले पूरी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी सरकार ने मंगलवार को देहरादून में हुई उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) सहित सभी निर्माण एजेंसियों को आदेश दिया है कि 15 सितंबर से पहले ही मरम्मत कार्यों की सभी कागजी कार्रवाई और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. ताकि मानसून खत्म होते ही धरातल पर काम तुरंत शुरू हो सके.
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सभी क्षेत्रों की सड़कों का होगा कायाकल्प
इस अभियान के तहत केवल मुख्य राजमार्ग ही नहीं, बल्कि राज्य के हर कोने की सड़कों को सुधारा जाएगा। मरम्मत कार्य के दायरे में ये क्षेत्र शामिल होंगे:
• शहरी निकाय: नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायतों के अंतर्गत आने वाले मार्ग.
• ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र: गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग और मुख्य जिला सड़कें.
• अवधि पार (Expired) सड़कें: PMGSY की वे पुरानी सड़कें जिनकी पांच साल की रखरखाव अवधि समाप्त हो चुकी है, उनके लिए सरकार विशेष बजट आवंटित कर मरम्मत करवाएगी.
मुख्यमंत्री स्वयं सड़क पर उतर करेंगे निरीक्षण
सड़कों की गुणवत्ता और कार्य की गति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद मैदान में उतरेंगे. उन्होंने घोषणा की है कि वह अक्टूबर महीने में स्वयं सड़क मार्ग से विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे. इस औचक निरीक्षण के दौरान यदि कहीं भी कार्य में लापरवाही या खराब गुणवत्ता पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार का यह कदम चारधाम यात्रा और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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