सत्ता गवाने के बाद से लगातार परेशानियों का सामना कर रहे है टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी Abhishek Banerjee के लिए मंगलवार का दिन अच्छी खबरें लेकर आया. एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने TMC के बागियों को अभिषेक बनर्जी की याचिका पर नोटिस जारी कर दिया. वहीं, कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को 3 मामलों में गिरफ्तारी से सुरक्षा दे दी.
TMC के बागियों को SC ने दिया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय करने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. यह कदम टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उठाया गया है.
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई की.
क्या है Abhishek Banerjee की याचिका
अभिषेक बनर्जी ने अपनी याचिका में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बागी सांसदों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने में हो रही देरी को चुनौती दी है.
टीएमसी का कहना है कि ये सांसद पार्टी के चुनाव चिह्न पर जीतकर आए थे, इसलिए सदन के बाहर खुद को NCPI का सदस्य बताना और सदन के भीतर टीएमसी का बने रहना दलबदल कानून का उल्लंघन है.
जून 2026 में टीएमसी से अलग हुए इन 20 सांसदों का दावा है कि वे पार्टी के कुल सांसदों की संख्या के दो-तिहाई से अधिक हैं, इसलिए उनका कदम एक वैध विलय है. वर्तमान में ये सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को भी पक्ष बनाया है, जिनकी ओर से सॉलिसिटर जनरल कोर्ट में पेश हुए.
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 3 मामलों में गिरफ्तारी से दी सुरक्षा
वहीं मंगलवार को ही कोलकाता हाई कोर्ट से भी अभिषेक बनर्जी के लिए अच्छी खबर आई. कलकत्ता हाई कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह TMC MP अभिषेक बनर्जी के खिलाफ उनके खिलाफ तीन क्रिमिनल केस में 30 नवंबर तक कोई भी सख्त कदम न उठाए. कोर्ट ने कहा कि कस्टोडियल पूछताछ ज़रूरी नहीं है.
कोर्ट ने डायमंड हार्बर के MP को हाई कोर्ट की इजाज़त के बिना विदेश यात्रा न करने का निर्देश दिया.
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने साफ़ किया कि मेडिकल कारणों से तीन हफ़्ते के लिए विदेश जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनर्जी को दी गई इजाज़त इस आदेश से कम नहीं होगी.
यह मानते हुए कि तीनों मामलों के संबंध में TMC नेता से हिरासत में पूछताछ ज़रूरी नहीं है, कोर्ट ने पुलिस को 30 नवंबर तक उनके ख़िलाफ़ कोई ज़बरदस्ती वाला कदम न उठाने का निर्देश दिया.
जस्टिस भट्टाचार्य ने पुलिस को तीनों मामलों में जांच पर प्रोग्रेस रिपोर्ट फ़ाइल करने का निर्देश दिया, जब मामले की 23 नवंबर को फिर से सुनवाई होगी.
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