उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य भर में प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट्स ropeway projects की प्रगति का मूल्यांकन करने और उसे तेज़ करने के लिए देहरादून में CM निवास ऑडिटोरियम में एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता की.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करना और पर्यटन व तीर्थयात्रा को सुगम बनाना है.
#WATCH देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। pic.twitter.com/shV1nwUl9d
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 24, 2026
पर्यटन और चारधाम यात्रा को मिलेगी नई ताकत
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि रोपवे परियोजनाएं उत्तराखंड के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। खासकर चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए ये रोपवे सफर को बेहद आसान और सुरक्षित बनाएंगे. इसके तहत ‘पर्वतमाला परियोजना’ के अंतर्गत सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश
सीएम धामी ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा (डेडलाइन) के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने जमीन हस्तांतरण (लैंड ट्रांसफर), पर्यावरण मंजूरी और अन्य प्रशासनिक बाधाओं को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रोजेक्ट में अनावश्यक देरी न हो.
ropeway projects, स्थानीय रोजगार और पर्यावरण संतुलन पर जोर
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि इन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान स्थानीय पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र (इकोलॉजी) का पूरा ध्यान रखा जाए. उन्होंने कहा कि रोपवे के शुरू होने से न केवल पर्यावरण अनुकूल यातायात को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के सचिव मौजूद रहे.
ये भी पढ़ें-CJP meeting today: केंद्र पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाने के बाद CJP ‘अगला कदम’ तय करेगी

