कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके के ग्रामीण इलाकों में स्कूलों की मरम्मत के लिएPM CARES Fund का इस्तेमाल करने की मांग पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी चीफ अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, BJP की गोवा यूनिट ने यह दावा दोहराया कि CJP AAP का “पेट प्रोजेक्ट” है, और केजरीवाल पर “दीपके को तथ्य नहीं सिखाने” का आरोप लगाया.
अभिजीत दिपके को बताया अरविंद केजरीवाल का आदमी
BJP ने X पर लिखा, “PM CARES फंड इमरजेंसी और डिजास्टर रिलीफ के लिए हैं. मिस्टर @ArvindKejriwal, आपने अपने आदमियों को अच्छा ड्रामा सिखाया, लेकिन बेसिक तथ्य नहीं. यह हैरानी की बात नहीं है.”
गोवा यूनिट ने आगे दीपके से पंजाब जाकर AAP शासित राज्य के स्कूलों का असेसमेंट करने को कहा.
पार्टी ने आगे कहा, “वैसे, आप उन्हें पंजाब कब ले जा रहे हैं? उन्हें आपके “वर्ल्ड-क्लास स्कूलों” का इंस्पेक्शन करने दें, जिनसे पंजाब के लोग तंग आ चुके हैं.”
PM CARES funds are meant for emergency and disaster relief.
Mr. @ArvindKejriwal, you taught your men good theatrics, but not basic facts. That’s not surprising.
Anyway, when are you going to take him to Punjab? Let him inspect your “world-class schools” that the people of… https://t.co/YRaA67raLu
— BJP Goa (@BJP4Goa) August 19, 2026
दिपके ने स्कूलों की मरम्मत के लिए PM CARES Fund की मांग की थी
सोशल मीडिया पर एक मैसेज में, CJP के फाउंडर ने कहा कि PM CARES फंड के पैसे का इस्तेमाल ग्रामीण भारत के स्कूलों की हालत सुधारने के लिए किया जा सकता है.
दिपके ने एक वीडियो में कहा, “एक रिपोर्ट आई है कि PM CARES फंड में लगभग ₹8,500 करोड़ हैं, जिनका कहीं इस्तेमाल नहीं हो रहा है. इसका बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं हो रहा है.”
उनकी यह बात सोमवार को ऑडिट किए गए बयानों के बाद आई, जिसमें कहा गया था कि प्राइम मिनिस्टर्स सिटीजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन्स (PM CARES) फंड का कॉर्पस 2023-24 में ₹7,173.03 करोड़ से 17.8% बढ़कर 2024-25 में ₹8,452.07 करोड़ हो गया.
CJP चला रही है “स्कूल ठीक करो” अभियान
दिपके की यह बात उनके “स्कूल ठीक करो” अभियान के बीच आई है, जिसमें वे गांवों में सरकारी स्कूलों का दौरा करके उनकी हालत का जायजा लेते हैं.
CJP के फाउंडर ने कहा कि कई स्कूलों में बच्चे पीने के पानी सहित बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, “वे स्कूलों में पीने का पानी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. तो हम इस पैसे का इस्तेमाल उन बच्चों के स्कूलों के लिए क्यों नहीं कर रहे हैं? इस पैसे का इस्तेमाल नए स्कूल बनाने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा है?”
उन्होंने कहा, “एक तरफ तो कहा जा रहा है कि स्कूलों के लिए कोई फंड नहीं है और दूसरी तरफ पीएम केयर्स फंड में ₹8,500 करोड़ पड़े हैं.”
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