3 पूर्व CM,18 सांसद और 10 महिलाएं, 2029 के लिए नितिन नबीन ने तैयार की ‘पावर टीम’

BJP New National Team नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया. नई टीम में अनुभव और युवा ऊर्जा के साथ-साथ महिला, पिछड़ा, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व को भी जगह दी गई है. पार्टी के इस संगठनात्मक फेरबदल को आगामी विधानसभा चुनावों के साथ 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है.

नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव और 16 राष्ट्रीय सचिव बनाए गए हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि राम माधव, वसुंधरा राजे और तीरथ सिंह रावत जैसे अनुभवी नेताओं को अहम संगठनात्मक भूमिकाएं मिली हैं.

BJP New National Team:10 महिला नेताओं को मिली जगह

BJP की नई राष्ट्रीय टीम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में महिला प्रतिनिधित्व भी शामिल है. पार्टी ने कुल 10 महिला नेताओं को राष्ट्रीय पदाधिकारी टीम में शामिल किया है. इनमें स्मृति ईरानी, वसुंधरा राजे के अलावा राष्ट्रीय सचिव स्तर पर कविता पाटीदार, फांगनॉन कोन्याक, संगीता यादव और डॉ. स्वदेश सिंह जैसे नाम शामिल हैं.

फांगनॉन कोन्याक की नियुक्ति के जरिए नागालैंड और पूर्वोत्तर को भी राष्ट्रीय संगठन में प्रमुख प्रतिनिधित्व मिला है.

पूर्व CM और पुराने चेहरों पर भरोसा

नितिन नबीन की टीम में भाजपा ने पूरी तरह नए चेहरों पर दांव लगाने के बजाय अनुभवी नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं.

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब जैसे नेताओं की मौजूदगी से संगठन में प्रशासन और चुनावी राजनीति का अनुभव मजबूत होता है.

इसके अलावा राम माधव की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर वापसी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. स्मृति ईरानी को महासचिव बनाना भी पार्टी की रणनीति में उनके राजनीतिक अनुभव और चुनावी प्रभाव के इस्तेमाल का संकेत माना जा रहा है.

सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश

BJP की नई टीम में महिलाओं के साथ-साथ अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों को प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिखाई देता है. पार्टी ने अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े नेताओं को भी राष्ट्रीय संगठन में जगह दी है. रिपोर्टों के मुताबिक नई टीम में 6 अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को प्रतिनिधित्व मिला है.

उत्तर प्रदेश से तारिक मंसूर जैसे चेहरे को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना राज्य में सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.

पूर्वोत्तर पर भी BJP का फोकस

भाजपा ने पूर्वोत्तर को संगठनात्मक रणनीति में महत्व देना जारी रखा है. नागालैंड सहित पूर्वोत्तर के नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है. साथ ही संबित पात्रा के नेतृत्व में नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेशन से जुड़े संगठनात्मक काम को भी महत्व दिया गया है.

यह रणनीति इसलिए अहम है क्योंकि भाजपा पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों में अपने राजनीतिक विस्तार को मजबूत करने की कोशिश करती रही है.

अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के

नई टीम में सबसे चर्चित बदलाव भाजपा के डिजिटल संगठन में हुआ है. लंबे समय से पार्टी के IT और सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़े अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के को IT सेल की कमान दी गई है.

म्हास्के ने बिहार, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत कई विधानसभा चुनावों में भाजपा के सोशल मीडिया अभियानों में भूमिका निभाई है. ऐसे में उनकी नियुक्ति को पार्टी की डिजिटल रणनीति में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

2029 के लोकसभा चुनाव तक AI, डीपफेक, शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म और डिजिटल नैरेटिव की भूमिका और बढ़ने की संभावना है. ऐसे में BJP का सोशल मीडिया संगठन आने वाले वर्षों में चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रह सकता है.

2027 के विधानसभा चुनाव होंगे पहला टेस्ट

BJP के लिए नई राष्ट्रीय टीम का पहला बड़ा राजनीतिक टेस्ट आगामी विधानसभा चुनाव होंगे. खासकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में संगठन की नई रणनीति की परीक्षा होगी.

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब और अन्य राज्यों के चुनाव भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इन्हीं चुनावों के अनुभव के आधार पर BJP 2029 के लोकसभा चुनाव की रणनीति को और धार दे सकती है।

2029 के लिए क्या है BJP की रणनीति?

नई टीम को देखें तो भाजपा की रणनीति के तीन प्रमुख पहलू नजर आते हैं—अनुभव, सामाजिक प्रतिनिधित्व और डिजिटल संगठन.

एक तरफ वसुंधरा राजे, राम माधव, तीरथ सिंह रावत और स्मृति ईरानी जैसे अनुभवी चेहरों को अहम जिम्मेदारी दी गई है, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं और नए संगठनात्मक चेहरों को भी जगह मिली है.

इसका मकसद पार्टी के पारंपरिक समर्थन आधार को बनाए रखने के साथ नए सामाजिक और युवा वर्गों तक पहुंच बढ़ाना माना जा रहा है. वहीं IT सेल में बदलाव से संकेत मिलता है कि भाजपा 2029 तक डिजिटल चुनाव प्रचार और सोशल मीडिया नैरेटिव को और आक्रामक तथा आधुनिक बनाने की तैयारी कर रही है.

कुल मिलाकर, नितिन नबीन की नई टीम में पुराने अनुभव और नई पीढ़ी का मिश्रण दिखाई देता है. आने वाले विधानसभा चुनाव बताएंगे कि यह संगठनात्मक बदलाव जमीन पर BJP को कितना फायदा पहुंचाता है लेकिन इतना साफ है कि पार्टी ने 2029 की तैयारी को ध्यान में रखते हुए संगठन को लंबे राजनीतिक मुकाबले के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है.

Latest news

Related news