आईटीआई को आधुनिक कौशल से जोड़कर रोजगारउन्मुखी बनाना हमारा संकल्प : मंत्री टेटवाल

भोपाल : कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कोलकाता में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के कौशल मंत्रियों का क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता कौशल विकास एवं उद्यमशीलता तथा शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने की। सम्मेलन का मुख्य विषय प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआईज (पीएम-सेतु) योजना था। सम्मेलन में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा, “हमारा संकल्प प्रत्येक आईटीआई को आधुनिक कौशल से जोड़कर रोजगारोन्मुखी बनाना है। राज्यमंत्री टेटवाल ने सम्मेलन में मध्यप्रदेश के कौशल विकास मॉडल, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण को युवाओं और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि मध्यप्रदेश की हर आईटीआई आधुनिक सुविधाओं से युक्त, उद्योगों से जुड़ी, तकनीक-सक्षम और रोजगारोन्मुख बने।

राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि पीएम-सेतु के माध्यम से आईटीआई के उन्नयन और कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को नई मजबूती मिलेगी। हमारा लक्ष्य ऐसा कौशल तंत्र तैयार करना है, जिसमें युवा केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला और विश्वस्तरीय कुशल नागरिक बने। कौशल विकास की योजनाओं को जिला स्तर के आर्थिक अवसरों, उभरते क्षेत्रों, नए जमाने के ट्रेड और युवाओं की रोजगार आकांक्षाओं से जोड़ने पर भी मध्यप्रदेश विशेष रूप से काम कर रहा है।

मध्यप्रदेश में 940 आईटीआई के साथ मजबूत कौशल तंत्र, 95 प्रतिशत से अधिक प्लेसमेंट

राज्य की प्रस्तुति में मध्यप्रदेश के 940 आईटीआई के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र, आईटीआई उन्नयन, डिजिटल गवर्नेंस, महिलाओं की पहुंच, नए जमाने के ट्रेड और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण की जानकारी दी गई। राज्य में सीटीएस के अंतर्गत 1,13,280 सीटों की क्षमता है, जबकि 94,961 प्रवेश हुए हैं। आईटीआई ग्रेडिंग में मध्यप्रदेश ने देश में चौथा स्थान हासिल किया है। वर्ष 2025 में शासकीय आईटीआई में 94.55 प्रतिशत प्रवेश हुआ।

पीएम-सेतु के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने 20 क्लस्टर चिन्हित किए हैं और 101 आईटीआई की मैपिंग की गई है। इंदौर, उज्जैन, सागर और रीवा के चार क्लस्टर आरएफपी में शामिल हैं। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क को 10 संभागीय शासकीय आईटीआई से जुड़े हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। ग्लोबल स्किल्स पार्क में 95 प्रतिशत से अधिक प्लेसमेंट हुआ है। इसके साथ ही इंडिया स्किल्स और वर्ल्ड स्किल्स में मध्यप्रदेश के युवाओं ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

मध्यप्रदेश ने सम्मेलन में उद्योग साझेदारी, प्लेसमेंट ड्राइव, अप्रेंटिसशिप, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना तथा पीएमकेवीवाई 4.0 के क्रियान्वयन की जानकारी भी साझा की। महिलाओं और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों की भागीदारी बढ़ाने तथा प्रशिक्षण को स्थानीय रोजगार अवसरों से जोड़ने पर भी राज्य की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

सम्मेलन में आईटीआई क्लस्टरों के चयन, हब-एंड-स्पोक मॉडल, उद्योगों की भागीदारी, सीएसआर एवं निजी क्षेत्र के सहयोग, अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को मजबूत करने तथा स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने पर चर्चा हुई। संस्थानों और प्रशिक्षुओं की डिजिटल ट्रैकिंग, समयबद्ध समीक्षा तथा प्रवेश, प्रशिक्षण, प्रमाणन और प्लेसमेंट के परिणामों में सुधार के लिए डेटा के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया गया।

सम्मेलन में गुजरात सरकार के मंत्री कुवंरजीभाई मोहन बावलिया, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत सिंह, ओडिशा सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संपद चंद्र स्वैन, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा तथा छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित रहे।

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