विकसित भारत के लक्ष्य पर PM मोदी का जोर, 2047 तक देश को नई ऊंचाई देने का संकल्प

PM Modi lalQila Speech 2026 नई दिल्ली: देश भर में 80वां स्वतंत्रता दिवस अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों को आश्वस्त किया कि वर्ष 2047 तक भारत निश्चित रूप से एक विकसित राष्ट्र बनकर उभरेगा।

PM Modi lalQila Speech 2026: विकसित भारत का बड़ा सपना और 1.4 अरब नागरिकों की ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “हमने एक बहुत बड़ा और दूरदर्शी सपना देखा है, एक ऐसा सपना जिसे अडिग इरादों और नई ऊंचाइयों को छूने के संकल्प के साथ पूरा किया जा रहा है। हमारा यह स्पष्ट विजन है कि जब हम अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेंगे, यानी वर्ष 2047 तक, तब तक हम भारत को एक पूर्ण विकसित देश में बदल देंगे। इस महान लक्ष्य को हमें देश के 1.4 अरब नागरिकों के सामूहिक प्रयासों और अथक परिश्रम से हासिल करना है। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश एक विकसित राष्ट्र बनने का दृढ़ संकल्प लेता है, तो यह वैश्विक समुदाय के सामने हमारी अदम्य इच्छाशक्ति और हिम्मत का सबसे बड़ा प्रमाण होता है।”

बड़े सपने और पक्के इरादों से तय होगी देश की दिशा

लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “कोई भी देश तब महान बनता है और अपने स्वर्णिम लक्ष्यों को हासिल करता है, जब वह अपने ऊंचे सपनों, मजबूत इरादों और अपनी आंतरिक ताकत के बल पर आगे बढ़ता है। अब छोटे सपने देखने से काम नहीं चलेगा। हमें बड़े सपने देखने होंगे, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच के दायरे को विस्तृत करते हैं और हमारे विजन को बड़ा बनाते हैं। हमारा इरादा पूरी तरह पक्का होना चाहिए, क्योंकि जब इरादा मजबूत होता है, तो हर प्रकार की कठिनाइयों और बाधाओं के बीच भी आगे बढ़ने की ऊर्जा स्वतः मिल जाती है।”

‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ की दिशा में कदम

प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि एक मजबूत और सशक्त राष्ट्र बनने के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। पिछले कुछ वर्षों में हमारी यह स्पष्ट नीति रही है कि भारत को अपनी हर जरूरत के लिए अन्य देशों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। हमें अपनी क्षमताओं को खुद बढ़ाना होगा और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा स्वयं करनी होगी। इसी संकल्प के साथ देश आज ‘आत्मनिर्भर भारत’ की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और आज का हर भारतीय ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ तथा ‘लोकल फॉर लोकल’ अभियानों से जुड़ रहा है।

सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण के क्षेत्र में भारत की छलांग

तकनीकी क्षेत्र की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज की इस डिजिटल और तकनीकी दुनिया में माइक्रोचिप्स की महत्ता को नकारा नहीं जा सकता। चाहे आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हों, मेडिकल इक्विपमेंट हों या अत्याधुनिक ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम—हर जगह चिप्स की जरूरत होती है और इनके बिना दुनिया थम जाएगी।

भारत ने अब इस बेहद महत्वपूर्ण सेक्टर में भी आत्मनिर्भरता की ओर ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। देश में पहले ही तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, और इन इकाइयों से वैश्विक निर्यात (एक्सपोर्ट) के लिए उत्पादन भी शुरू हो चुका है। आने वाले 7 से 8 वर्षों के भीतर, देश में पांच से आठ नए सेमीकंडक्टर प्लांट और बनकर तैयार हो जाएंगे जो बहुत जल्द पूरी क्षमता से कार्य करना शुरू कर देंगे।

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