RG Kar Case में TMC के पूर्व विधायक निर्मल घोष गिरफ्तार,पीडिता का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराने का आरोप

RG Kar Case कोलकाता : पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित RG Kar Rape and Murder Case में करीब दो साल बाद एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को गुरुवार को ओडिशा से गिरफ्तार किया गया. उन पर आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की जूनियर डॉक्टर के शव का कथित तौर पर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने और इस प्रक्रिया में सबूतों को प्रभावित करने के गंभीर आरोप हैं.

निर्मल घोष पानीहाटी से पूर्व विधायक रहे हैं. पुलिस ने उनके खिलाफ पीड़िता के परिवार की नई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है. आरोपों में सबूत मिटाने, आपराधिक साजिश और परिवार की इच्छा के विरुद्ध अंतिम संस्कार कराने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं.

RG Kar Case:पीड़िता के पिता की शिकायत के बाद हुई गिरफ्तारी

मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़िता के पिता ने बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के तहत खारदह थाने में शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के शव का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराया गया और इस दौरान परिवार की सहमति तथा जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिवार ने निर्मल घोष समेत कुछ अन्य स्थानीय लोगों पर शव को जल्द अंतिम संस्कार के लिए ले जाने और दूसरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की संभावना को प्रभावित करने का आरोप लगाया था.

दो शवों को पीछे छोड़ जल्द कराया गया अंतिम संस्कार?

परिवार की शिकायत में दावा किया गया कि 9 अगस्त 2024 को आरजी कर अस्पताल में 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव मिलने के बाद उसे पानीहाटी के श्मशान घाट ले जाया गया. आरोप है कि वहां पहले से अंतिम संस्कार के लिए मौजूद दो शवों को पीछे छोड़ते हुए डॉक्टर के शव का दाह-संस्कार प्राथमिकता के आधार पर कराया गया.

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार से जुड़े दस्तावेजों पर परिजनों के बजाय अन्य लोगों के हस्ताक्षर कराए गए. इन आरोपों की जांच अब पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज की गई नई प्राथमिकी में की जा रही है.

CBI की जांच से अलग है नया मामला

आरजी कर अस्पताल में डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की मुख्य घटना की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है. वहीं, निर्मल घोष की गिरफ्तारी जिस मामले में हुई है, वह कथित तौर पर शव के जल्द अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सबूतों को प्रभावित करने के आरोपों पर आधारित अलग पुलिस जांच है.

मूल मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जांच CBI को सौंपी गई थी. आरजी कर मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय को अदालत पहले ही दोषी ठहरा चुकी है और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

9 अगस्त 2024 को हुई थी डॉक्टर की हत्या

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 9 अगस्त 2024 को 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव सेमिनार रूम में मिला था. पोस्टमार्टम में उसके साथ बलात्कार और हत्या की पुष्टि हुई थी. घटना के बाद पूरे देश में डॉक्टरों और आम लोगों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया था.

मामले की जांच के दौरान शव को परिवार को सौंपने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल उठे थे. सुप्रीम कोर्ट ने भी 2024 में मामले की सुनवाई के दौरान जांच और पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे.

अंतिम संस्कार को लेकर उठे थे गंभीर सवाल

परिवार का आरोप है कि शव के अंतिम संस्कार में जल्दबाजी की गई और जरूरी दस्तावेजों तथा सहमति की प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई. इसी आधार पर अब नई FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

हालांकि, अंतिम संस्कार से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. निर्मल घोष की गिरफ्तारी को इसी जांच में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है.

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