केरल अब कहलाएगा केरलम! नाम परिवर्तन को मिली संसद की मंजूरी

उज्जैन। धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी उज्जैन में जल्द ही एक बड़ा राष्ट्रीय राजनीतिक हलचल देखने को मिलेगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का सितंबर महीने में उज्जैन दौरा प्रस्तावित है। इस खबर के सामने आते ही मालवा-निमाड़ अंचल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में नया उत्साह और ऊर्जा देखने को मिल रही है। राहुल गांधी अपने इस दौरे का शुभारंभ विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ करेंगे।

जमीनी कार्यकर्ताओं और बूथ स्तर पर सीधा संवाद

उज्जैन नगर निगम में विपक्ष के नेता रवि राय ने जानकारी दी कि यह दौरा महज एक औपचारिक प्रवास न होकर प्रदेश में पार्टी संगठन को निचले स्तर तक मजबूत करने का एक बड़ा प्रयास है। 'संगठन सृजन अभियान' के तहत आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के साथ-साथ जमीनी कार्यकर्ताओं की सीधी भागीदारी होगी। इसमें उज्जैन संभाग के विभिन्न जिलों—जैसे रतलाम, मंदसौर, नीमच, देवास, शाजापुर और आगर-मालवा—के हजारों पदाधिकारी, मंडल, ग्राम पंचायत अध्यक्ष और बीएलए-2 स्तर के समर्पित कार्यकर्ता शामिल होंगे, जिनसे राहुल गांधी सीधे संवाद कर संगठन की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लेंगे।

तैयारियों का सिलसिला शुरू, कार्तिक मेला ग्राउंड संभावित स्थल

यद्यपि दौरे की आधिकारिक तिथियों की अंतिम घोषणा होना अभी बाकी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कांग्रेस ने अपनी रणनीतिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। संवाद कार्यक्रम और जनसभा के आयोजन के लिए शहर के प्रसिद्ध कार्तिक मेला ग्राउंड को एक प्रमुख विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि आधिकारिक घोषणा से पहले ही संगठन के सभी स्तरों पर व्यवस्थाएं पुख्ता की जा रही हैं।

मालवा के बाद रीवा संभाग में भी बनेगा ऐसा ही खाका

इससे पूर्व राहुल गांधी 5 मार्च 2024 को अपनी 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। उज्जैन में आयोजित होने वाले इस संभाग स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन की तर्ज पर आगे रीवा संभाग में भी ऐसा ही संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है। कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के जरिए मालवांचल में संगठन को एक नई धार और मजबूती मिलेगी।

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