‘5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो…’, गंगा में डूबते कांवड़िए को बचाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा भाई

Kanwariya drowns in Devprayag देवप्रयाग: उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के बीच देवप्रयाग से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. गंगा में नहाने के दौरान एक कांवड़िया तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते नदी में समा गया. इस दौरान उसका बड़ा भाई उसे बचाने के लिए लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा. वह बार-बार कहता रहा, “पांच लाख रुपये ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो.” लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद कांवड़िए की जान नहीं बचाई जा सकी.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में युवक अपने भाई को गंगा की तेज धार में बहता देख बुरी तरह रोता और लोगों से उसे बचाने की गुहार लगाता नजर आ रहा है. यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला है.

Kanwariya drowns in Devprayag:नहाते समय तेज धारा में फंसा कांवड़िया

जानकारी के मुताबिक, शनिवार को देवप्रयाग के एक घाट पर कांवड़िया गंगा में स्नान कर रहा था. इसी दौरान वह अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया. देखते ही देखते नदी की धारा उसे अपने साथ बहाकर ले गई.

किनारे मौजूद उसके बड़े भाई ने भाई को बचाने के लिए लोगों से मदद मांगी. वह लगातार चिल्लाता रहा और लोगों से उसे किसी भी तरह पकड़कर बचाने की अपील करता रहा. वीडियो में उसकी बेबसी साफ दिखाई दे रही है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दर्दनाक वीडियो

इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में युवक रोते हुए अपने भाई को बचाने की गुहार लगाता सुनाई दे रहा है. वह लोगों से यहां तक कहता है कि “पांच लाख रुपये ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो.”

हालांकि, गंगा का बहाव बेहद तेज होने के कारण बचाव की कोशिशें सफल नहीं हो सकीं. घटना ने कांवड़ यात्रा के दौरान नदी घाटों पर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

रुड़की में अलग-अलग हादसों में चार कांवड़ियों की मौत

कांवड़ यात्रा के दौरान रुड़की और आसपास के इलाकों में भी हादसों ने चिंता बढ़ा दी है. राष्ट्रीय राजमार्ग पर अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में चार कांवड़ियों की मौत की जानकारी सामने आई है.

रविवार देर शाम हरिद्वार-मंगलौर बाईपास पर रिमझिम ढाबे के पास बुलेट और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई. हादसे में शामली निवासी कांवड़िए संदीप मलिक (35) और विपिन (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को सरकारी अस्पताल रुड़की ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

इसी क्षेत्र में कार और स्कूटी की टक्कर में भी स्कूटी सवार घायल हुआ।

वहीं, शनिवार देर रात नारसन शिव मंदिर के पास एक अज्ञात वाहन की चपेट में आए करीब 25 से 30 वर्षीय कांवड़िए की सिविल अस्पताल रुड़की में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसके बैग से 6,110 रुपये और मोबाइल फोन मिला, लेकिन फोन बंद होने के कारण तत्काल उसकी पहचान नहीं हो सकी.

लिब्बरहेड़ी में भी हादसा, कांवड़िए की मौत

रविवार सुबह लिब्बरहेड़ी में भी अज्ञात वाहन की टक्कर से करीब 45 वर्षीय कांवड़िए की मौत हो गई. मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बड़ौत निवासी मांगा के रूप में हुई है.

पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि हरिद्वार-मंगलौर बाईपास हादसे में मारे गए दोनों कांवड़ियों के परिजनों को सूचना दे दी गई है.

कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए कंट्रोल रूम से निगरानी

श्रावण कांवड़ मेला-2026 को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ा दी है. एसएसपी सड़क से लेकर कंट्रोल रूम तक व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं. कांवड़ मेला क्षेत्र, प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थानों, पार्किंग और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है

इसके अलावा ड्रोन के जरिए भी भीड़ और प्रमुख स्थानों पर नजर रखी जा रही है. अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति में क्विक रिस्पॉन्स टीम को तत्काल सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं.

गंगोत्री धाम में भी उमड़ी कांवड़ियों की भारी भीड़

उधर, 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के अवसर पर जलाभिषेक के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में शिवभक्त गंगोत्री धाम पहुंच रहे हैं. इसके चलते गंगोत्री धाम में कांवड़ियों की भारी भीड़ देखी जा रही है.

पुलिस कप्तान कमलेश उपाध्याय ने रविवार को गंगोत्री धाम पहुंचकर यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा और अन्य नदियों के घाटों पर तेज बहाव को देखते हुए श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है.

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