Uttarakhand Rain Alert :उत्तराखंड में कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह से अस्त व्यस्त कर दिया है. प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति बनी हुई है. मौसम विभाग ने गुरुवार को पूरे राज्य के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि देहरादून, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. राजधानी देहरादून में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है.
VIDEO | Dehradun, Uttarakhand: The water level of the Tamsa river, which flows near the Tapkeshwar Mahadev Temple in Dehradun, is gradually rising amid heavy rainfall in higher terrains.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/fQ4jaYoYca
— Press Trust of India (@PTI_News) August 6, 2026
Uttarakhand Rain Alert :111 सड़कें अब भी बंद, बहाली में जुटा प्रशासन
मॉनसून की लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड में अभी भी 111 सड़कें बंद हैं. जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें युद्धस्तर पर इन मार्गों को खोलने में जुटी हैं. कई इलाकों में लगातार भूस्खलन होने से सड़क बहाली के कार्य में दिक्कतें आ रही हैं.
Heavy rains have caused roads to cave in, disrupting traffic.
The sinking of the road and the cracks in Papadgaad, ahead of Bhatwadi in Uttarkashi, have become a problem.#Uttarakashi #Uttarakhand pic.twitter.com/JcgZHPNVvi— Siraj Noorani (@sirajnoorani) August 4, 2026
केदारनाथ हाईवे पर मलबे में दबे कई वाहन
रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र में ऊपरी इलाके से गिड़ भुतेर गदेरा उफान पर आ गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा तिलवाड़ा बाजार और केदारनाथ हाईवे पर आ गया.
मलबे की चपेट में चार मोटरसाइकिल, नगर पंचायत तिलवाड़ा के दो कूड़ा वाहन और एक ट्रैक्टर दब गए. राहत की बात यह रही कि बाद में जेसीबी और राहत टीमों की मदद से मलबा हटाकर सभी वाहनों को सुरक्षित निकाल लिया गया.
भारी मलबे के कारण केदारनाथ हाईवे पर करीब सात घंटे तक यातायात पूरी तरह बंद रहा. फिलहाल प्रशासन, आपदा प्रबंधन, नगर पंचायत और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने मार्ग को साफ कर हाईवे पर आवाजाही बहाल कर दी है.
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन बंद
उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा. भारी मलबा और विशाल बोल्डर सड़क पर आने से यातायात पूरी तरह प्रभावित है.
राष्ट्रीय राजमार्ग की मशीनरी मार्ग खोलने में लगातार जुटी हुई है, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन से काम बार-बार प्रभावित हो रहा है.
बाड़िया गांव के नीचे सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र में सड़क दलदल में बदल गई है. यहां पैदल चलना भी बेहद जोखिम भरा हो गया है. स्थानीय लोग और यात्री जान जोखिम में डालकर भूस्खलन क्षेत्र को पार करने को मजबूर हैं.
सिलाई बैंड के पास भी पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है. दिन में मार्ग खुलने के बाद रात में दोबारा बंद हो जाने से यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
गंगोत्री हाईवे भी दो घंटे रहा बाधित
उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पापड़गाड़ के पास लगातार भू-धंसाव के कारण बुधवार सुबह लगभग दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा.
सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम लगातार मलबा हटाकर मार्ग को सुचारु रखने में जुटी है. हालांकि बार-बार हो रहे भूस्खलन से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. मार्ग बंद रहने से कांवड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं. फिलहाल अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है.

