रांची: झारखंड की राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। राज्यभर के प्रतियोगी छात्र पिछले सत्रह दिनों से सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण और जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के डेलीगेशन के बीच कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन छात्रों की प्रमुख मांगों पर सहमति न बन पाने के कारण यह गतिरोध अभी भी पूरी तरह से बरकरार है।
वार्ता बेनतीजा रहने के बाद हजारों छात्रों ने किया विधानसभा मार्च का ऐलान
छात्रों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच रविवार को हुई तीसरे दौर की महत्वपूर्ण वार्ता भी आखिरकार किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। वार्ता के दौरान मुख्य रूप से दो बड़ी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद नाराज अभ्यर्थियों ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत झारखंड विधानसभा का घेराव करने का बड़ा फैसला लिया। हजारों की संख्या में दूर-दराज से आए छात्र रांची के ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकजुट हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर कूच करने की तैयारी में जुट गए।
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग पर अड़े छात्र
प्रदर्शनकारी छात्रों का मुख्य रूप से यह कहना है कि वे जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करने और जितनी भी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं, उन सबकी निष्पक्ष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जाए। छात्रों का तर्क है कि अब तक की गई स्थानीय स्तर की जांच-पड़ताल से उनका भरोसा उठ चुका है और जब तक उनकी सभी मांगों को लिखित रूप से स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगा।
विधानसभा घेराव के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम
छात्रों द्वारा आहूत 'विधानसभा घेराव' और राजधानी में संभावित तनावपूर्ण स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े और चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने नवनिर्मित झारखंड विधानसभा परिसर के आसपास साढ़े सात सौ मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) सख्त रूप से लागू कर दी है। चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को तैनात किया गया है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।

