NEET-UG पेपर लीक केस में आदेश टला, आरोपियों की हिरासत 12 अगस्त तक बढ़ाई गई

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष फास्ट ट्रैक अदालत में सोमवार को बहुचर्चित नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले की अहम सुनवाई हुई। हालांकि, अदालत ने इस मामले में दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने का अपना फैसला फिलहाल टाल दिया है। अब इस बहुप्रतीक्षित मामले में अदालत आगामी बारह अगस्त को संज्ञान लेने के संबंध में अपना अंतिम आदेश सुनाएगी, जिस पर देश भर के परीक्षार्थियों और जांच एजेंसियों की निगाहें टिकी हुई हैं।

आरोपियों की न्यायिक हिरासत बारह अगस्त तक बढ़ाई गई

सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी आरोपियों की न्यायिक अदालत की हिरासत को बढ़ाकर बारह अगस्त तक के लिए विस्तारित कर दिया है। अदालत के नए निर्देशों के अनुसार, अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी आरोपियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ की जाएगी और उन्हें पेश किया जाएगा। इससे पहले गत गुरुवार को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सभी तेरह आरोपियों की रिमांड अवधि दस अगस्त तक बढ़ाई थी।

पॉलीग्राफ और लाई डिटेक्टर टेस्ट से जुड़ी अर्जी खारिज

सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल की ओर से दाखिल की गई उस विशेष अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उनके पॉलीग्राफ टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए अदालत से निर्देश जारी करने की मांग की गई थी। आरोपियों के इस कानूनी दांव को अदालत द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद मामले की जांच प्रक्रिया में एक नया मोड़ आ गया है।

अदालत में न्यायाधीशों के तबादले और फास्ट ट्रैक गठन से जुड़ी प्रक्रिया

उल्लेखनीय है कि देश भर में गरमाए नीट पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में यह मामला न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में चल रहा था। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलिगा के पास स्थानांतरित हुई थी, और उनके पुनः स्थानांतरण के पश्चात अब न्यायाधीश अजय गुप्ता को इस विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का नया न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जिनकी निगरानी में यह सुनवाई आगे बढ़ रही है।

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