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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर इसमें हिस्सा लेने वाले राष्ट्रनायकों और अमर सेनानियों को याद किया है। पीएम मोदी ने कहा कि आंदोलन में भाग लेने वालों का साहस हर भारतीय के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।

पीएम मोदी ने राष्ट्रनायकों को कैसे याद किया?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट करते हुए लिखा कि ऐतिहासिक 'भारत छोड़ो आंदोलन' में भाग लेने वाले सभी लोगों का साहस हर भारतीय के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा। महात्मा गांधी के नेतृत्व से प्रेरित होकर 'भारत छोड़ो' के आह्वान ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा का संचार किया और औपनिवेशिक शासन से मुक्त होने के देशवासियों के अटूट संकल्प को दर्शाया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का संदेश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महात्मा गांधी का 'करो या मरो' का आह्वान उस दौर में करोड़ों भारतीयों के लिए साहस की आवाज बना। उन्होंने कहा कि असंख्य ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष केवल राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा, लोकतंत्र, समानता और राष्ट्रभक्ति की नींव पर आधारित भारत के निर्माण के लिए था। स्वतंत्रता के अमृतकाल में उनका स्मरण हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।

स्वाधीनता संग्राम का निर्णायक अध्याय बना 'भारत छोड़ो आंदोलन': जेपी नड्डा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि अगस्त 1942 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ 'भारत छोड़ो आंदोलन' देश के स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक अध्याय बना। इस 'अगस्त क्रांति' ने पूरे देश में नई चेतना का संचार किया और असंख्य भारतीयों को स्वाधीनता के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी।

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