बांकीपुर हार के बाद BJP की बड़ी बैठक, CM सम्राट समेत दिग्गज नेताओं ने किया समीक्षा

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अप्रत्याशित पराजय के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतियों का पुनर्मूल्यांकन शुरू कर दिया है। बुधवार को राजधानी पटना स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत सरकार के कई मंत्रियों, विधायकों और संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य इस पारंपरिक गढ़ में हुई चूक के कारणों की पहचान करना और भविष्य के लिए सुधारात्मक कदम उठाना था।

गलतियों का आकलन और भविष्य का संकल्प

बैठक के समापन के उपरांत राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि राजनीतिक दल अपनी कमियों और पराजय से ही सीख हासिल करते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि बांकीपुर क्षेत्र लंबे समय से भाजपा का मजबूत आधार रहा है। ऐसे में अचानक इस सीट का हाथ से निकल जाना गंभीर मंथन का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी पराजय के सभी राजनीतिक व रणनीतिक पहलुओं का गहराई से विश्लेषण कर कमियों को दूर करेगी।

नेतृत्व द्वारा विस्तृत मंथन

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी में पराजय के मुख्य कारणों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस गढ़ को गंवाने से पार्टी नेतृत्व की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, बैठक के बाद अब यह देखना बाकी है कि शीर्ष नेतृत्व इस संदर्भ में क्या अंतिम बयान जारी करता है।

वोट बैंक में गिरावट पर चिंता

पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता कुंतल कृष्णा ने भी इस परिणाम पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्ष 2025 के मुख्य चुनावों की तुलना में इस बार मतों के प्रतिशत में लगभग पचास प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कम मतदान को एक वजह मानते हुए भी उन्होंने स्वीकार किया कि जनसमर्थन में आई यह कमी आत्ममंथन की मांग करती है। प्रवक्ता के अनुसार, क्षेत्र में सड़कों और स्ट्रीट लाइटों जैसी बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विकास करने के बावजूद यह परिणाम अप्रत्याशित रहा, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

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