Kanpur-Lucknow Expressway लखनऊ: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क की सतह में स्लिपेज (खिसकने) की घटना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है. परियोजना की निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत तीन अधिकारियों को परियोजना से हटा दिया गया है. इतना ही नहीं, तीनों अधिकारियों पर अगले दो वर्षों तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, NHAI और NHIDCL की किसी भी परियोजना में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत तेजी से जारी है और वर्तमान में एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित हो रहा है.
Kanpur-Lucknow Expressway : 26 जुलाई को नियमित निरीक्षण में सामने आया मामला
NHAI के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को नियमित रूट पेट्रोलिंग के दौरान कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर-64 के पास सड़क की सतह पर स्लिपेज दिखाई दिया. सूचना मिलते ही NHAI और निर्माण एजेंसी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और विस्तृत निरीक्षण किया.
जांच में पेवमेंट में स्लिपेज की पुष्टि होने के बाद 27 जुलाई को प्रभावित हिस्से की तत्काल मरम्मत कर दी गई. हालांकि बाद में लगातार हुई भारी बारिश के कारण आसपास के कुछ अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की समस्या सामने आई.
6 अगस्त तक मरम्मत कार्य पूरा करने का लक्ष्य
NHAI ने बताया कि प्रभावित हिस्सों पर युद्धस्तर पर सुधार कार्य जारी है. मानसून और लगातार बारिश के कारण काम की गति कुछ प्रभावित हुई है, लेकिन एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि 6 अगस्त तक मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाए.
सिर्फ क्षतिग्रस्त हिस्से ही नहीं, बल्कि उन स्थानों पर भी निवारक कार्य किए जा रहे हैं जहां भविष्य में स्लिपेज की आशंका हो सकती है. इसके लिए रोजाना स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोका जा सके.
सरकार पर नहीं पड़ेगा कोई वित्तीय भार
NHAI ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी मरम्मत का खर्च संबंधित रियायतग्राही (Concessionaire) ही उठाएगा. परियोजना अभी रख-रखाव अवधि में है, इसलिए मरम्मत कार्य पर न तो NHAI और न ही केंद्र सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा.
तीन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई
परियोजना की निगरानी में लापरवाही को गंभीर मानते हुए NHAI ने तीन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.
कार्रवाई की जद में आने वाले अधिकारी हैं—
- निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता
- इंडिपेंडेंट इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार
- रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार
तीनों अधिकारियों को परियोजना से तत्काल हटाने के साथ-साथ दो वर्षों तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, NHAI और NHIDCL की किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है.
डिजाइन या निर्माण गुणवत्ता पर NHAI ने दी सफाई
स्लिपेज की घटना के बाद एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर NHAI ने स्पष्ट किया कि यह मामला मानसून के दौरान सड़क की सतह के रख-रखाव से जुड़ा है. इसका एक्सप्रेसवे के डिजाइन या निर्माण गुणवत्ता से कोई संबंध नहीं है.
प्राधिकरण के मुताबिक, वर्तमान में एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी है.
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
NHAI का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों की नियमित निगरानी, समय पर रख-रखाव और किसी भी तकनीकी समस्या पर त्वरित कार्रवाई उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर की गई कार्रवाई इसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिल सके.

